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गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित परीक्षा में विद्यार्थियों में दिखा उत्साह, संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने का मिला अवसर

भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का हुआ आयोजन 40 से अधिक विद्यालयों के एक हजार विद्यार्थियों ने लिया भाग रिपोर्टर कमल कश्यप अकलतरा अकलतरा।अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज…

गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित परीक्षा में विद्यार्थियों में दिखा उत्साह, संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने का मिला अवसर
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भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का हुआ आयोजन
40 से अधिक विद्यालयों के एक हजार विद्यार्थियों ने लिया भाग
रिपोर्टर कमल कश्यप अकलतरा
अकलतरा।अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा अक्टूबर 2026 के प्रथम सप्ताह में देशभर में बड़े पैमाने पर संपन्न हुई।

छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में 3 अक्टूबर को आयोजित इस परीक्षा में लाखों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड में भी हजारों विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। अकलतरा ब्लॉक के 40 से अधिक विद्यालयों के लगभग 1000 विद्यार्थियों ने इसमें सहभागिता की।

परीक्षा संयोजक दीपक साहू ने बताया कि यह परीक्षा भारत के 22 प्रांतों एवं 400 जिलों के 1 लाख से अधिक विद्यालयों में 11 भाषाओं में आयोजित की जाती है, जिसने करोड़ों विद्यार्थियों के जीवन को प्रभावित किया है। अकलतरा शहर सहित ब्लॉक के विभिन्न गांवों – कटनई, तिलई, अकलतरी, मधुवा, पोंडी (दल्हा), परसही, कल्याणपुर, खोड, किरारी,तरोद, पौना तागा, कोटगढ़, महमदपुर, बरगवां के विद्यालयों/महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया।

परीक्षा केंद्रों में सुबह से ही विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया। परीक्षा के बाद विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिले नजर आए। विद्यार्थियों ने कहा कि भारतीय संस्कृति को पढ़ने और उससे संबंधित परीक्षा देने में अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तुलना में अधिक आनंद आया।

परीक्षा का मुख्य उद्देश्यविद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, नैतिक, आध्यात्मिक एवं चारित्रिक मूल्यों के साथ-साथ सामान्य ज्ञान की समझ विकसित करना है।

संयोजक ने बताया कि परीक्षा में शामिल प्रत्येक विद्यार्थी को शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, वहीं प्रत्येक विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जाएगा। परिणाम जनवरी 2027 तक घोषित होने की संभावना है।

परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने में पर्यवेक्षकों के रूप में चिराग शर्मा, कमल कश्यप, महेश्वर कश्यप, राज नारायण कश्यप ,जोधराम साहू, छोटू कश्यप, दिगपाल साहू, दीपक साहू, के.डी. वैष्णव, आकाश राठौड़, थमेश्वर दास, सावित्री साहू, दयाराम, छेदी यादव, सतीश मानिकपुरी, वीरेंद्र साहू, शिवशंकर साहू, त्रियुगीनारायण, समेलाल, लक्ष्मी साहू, दुर्गेश साहू, नवीन साहू, सोहन सागर, हरनारायण, सुभाष, रामचंद्र, कालेश्वर, डंकेश्वर, उमेश साहू, भागवत जगत सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।