मौदहा हमीरपुर। कस्बे के मदरसे से मुकम्मल कुरान हिफ्ज करने के बाद दो हाफिजों की दस्तारबंदी की गई जिसकी शुरुआत तिलावत ए कुरान से हुई जबकि जलसा को खिताब कारी अता उर्रहमान के साथ दीगर हाफिजों ने किया।
कस्बे के रेलवे स्टेशन रागौल के निकट स्थित मदरसा ख्वाजा गरीब नवाज़ मदरसा और यतीम खाना में जुमेरात बाद नमाज़ इशा हाफिजों की दस्तारबंदी को लेकर एक महफिल सजाई गई। जिसकी शुरुआत कारी फारूक साहब ने तिलावत ए कुरान और सूरे रहमान से की।
जबकि महफिल को हाफिज कारी अता उर्रहमान कादरी के साथ कस्बाई और बाहरी मौलानाओं ने खिताब किया। बताते चलें कि, बीते लगभग सात साल पहले हाफिज अब्दुल रफीक साहब ने मदरसे की बुनियाद रखी थी और इतनी जल्द मदरसे से हाफिज निकलना मदरसे की कामयाबी की तरफ इशारा करता है।
इस दौरान अखतर मास्टर, आकिल बिजनौरी, समाजसेवी लाला मास्टर, जुम्मू भाई, रिटायर्ड एस. आई.
रमजान, अब्दुल कय्यूम, मतीन भाई के साथ बच्चों के रिश्तेदार और कस्बे के सैकडों जिम्मेदार लोग मौजूद रहे। देररात तक चली महफिल में लगभग चौदह साल के हाफिज मोहम्मद अफजल और लगभग बारह साल के हाफिज मोहम्मद ओवैश की दस्तार बंदी की गई।महफिल को सजाने का काम मदरसे के जिम्मेदार हाफिज सादिक ने किया।
