वाराणसी/जौनपुर/प्रतापगढ़ (संवाददाता मनोज कुमार):
प्रतापगढ़ जनपद के पट्टी कोतवाली में पुलिस अभिरक्षा के दौरान अनुसूचित जाति समाज के युवक अर्जुन गौतम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और संवेदना व्यक्त करने प्रतापगढ़ जा रहे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केराकत विधायक तूफानी सरोज को पुलिस ने देर रात उनके वाराणसी स्थित आवास पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया।
विधायक तूफानी सरोज का पलटवार: 'सपा के नेतृत्व से हमेशा डरती है यह सरकार'
अपने ही घर में नजरबंद किए जाने पर केराकत विधायक तूफानी सरोज ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सीधा हमला बोला। उन्होंने दो टूक कहा:
"यह सरकार समाजवादी पार्टी के नेतृत्व और उसकी जनहितैषी नीतियों से हमेशा डरती है।
जब भी गरीबों, मजलूमों, पिछड़ों और दलितों पर अत्याचार होता है और समाजवादी पार्टी उनके हक व न्याय की लड़ाई लड़ने आगे आती है, तो यह सरकार घबराकर पुलिस को आगे कर देती है। विपक्ष के जनप्रतिनिधियों को पीड़ितों के आंसू पोंछने से रोकना साफ दर्शाता है कि सरकार अपनी विफलताओं और पुलिसिया जुल्म को जनता से छुपाना चाहती है।"
विधानसभा अध्यक्ष नीरज पहलवान ने भी साधा निशाना: 'कमजोरों पर जुल्म ढा रही हुकूमत'
विधायक के आवास पर भारी पुलिस बल की तैनाती की खबर मिलते ही कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे सपा विधानसभा अध्यक्ष नीरज पहलवान ने भी सरकार पर तीखा प्रहार किया।
उन्होंने कहा कि यह सरकार पूरी तरह तानाशाही पर उतारू है और केवल गरीब व कमजोर तबके के लोगों पर अपनी ताकत दिखा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस के पहरे और बैरिकेडिंग से समाजवादी सिपाहियों को जनता के दुख-दर्द में खड़े होने से नहीं रोका जा सकता।
पट्टी कोतवाली में दलित युवक की मौत, हत्या व SC/ST एक्ट में केस
मामला प्रतापगढ़ के पट्टी कोतवाली से जुड़ा है, जहां पुलिस हिरासत में अर्जुन गौतम नामक दलित युवक की संदिग्ध मौत हो गई थी। परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर प्रताड़ना और सुनियोजित हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों व ग्रामीणों के कड़े विरोध के बाद मामले में हत्या और एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इस घटना को लेकर पूरे प्रदेश के दलित समाज और विपक्षी दलों में भारी उबाल है।
देर रात फूलपुर स्थित निजी आवास पर पुलिस का सख्त पहरा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर गठित प्रतिनिधिमंडल के तहत केराकत विधायक तूफानी सरोज को प्रतापगढ़ पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मिलना था और जमीनी हकीकत का जायजा लेना था। आरोप है कि उन्हें वहां जाने से रोकने के लिए रात करीब 10 बजे उनके निजी आवास ग्राम कठरवां (थाना फूलपुर, जनपद वाराणसी) पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
घर के मुख्य द्वार को पुलिस छावनी बनाकर विधायक को बाहर निकलने से रोक दिया गया, जिससे वे प्रतापगढ़ रवाना न हो सकें। "अगर प्रशासन साफ है तो पीड़ित से मिलने में डर क्यों?" — सपा के कड़े सवाल
विधायक को रोके जाने पर समाजवादी पार्टी ने प्रदेश सरकार के रवैये पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
सच्चाई छिपाने की कोशिश: यदि प्रशासन की तरफ से कोई चूक या खोट नहीं है, तो जनप्रतिनिधि को शोकाकुल परिवार से मिलने से क्यों रोका जा रहा है?
संवैधानिक अधिकारों का हनन: क्या अब किसी पीड़ित के घर जाकर दुख साझा करना भी जुर्म बन गया है? क्या पुलिस कस्टडी में हुई मौत पर सवाल उठाना अलोकतांत्रिक है?
न्याय की आवाज कुचलने का आरोप: सपा नेताओं ने स्पष्ट कहा कि किसी विधायक को नजरबंद करने से सच्चाई नहीं छिपेगी और न ही पीड़ित परिवार का दर्द कम होगा। समाजवादी पार्टी की प्रमुख मांगें
समाजवादी पार्टी ने ऐलान किया है कि पीड़ितों के हक और न्याय की लड़ाई को दबाया नहीं जा सकता।
पार्टी ने शासन से मांग की है कि:
न्यायिक निगरानी में जांच: अर्जुन गौतम की मौत की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा न्यायिक निगरानी में कराई जाए। दोषियों को सजा: कस्टोडियल डेथ के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों व अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
परिवार को सुरक्षा व मुआवजा: पीड़ित परिवार को तत्काल पर्याप्त आर्थिक मदद और सुरक्षा मुहैया कराई जाए। नेताओं पर पाबंदी बंद हो: विपक्ष और जनप्रतिनिधियों को जनहित के मुद्दों पर मिलने-जुलने से रोकने की असंवैधानिक परंपरा तत्काल समाप्त की जाए।
सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को अविलंब न्याय नहीं मिला, तो पार्टी इस तानाशाही के खिलाफ सड़क से लेकर विधानसभा तक व्यापक आंदोलन छेड़ेगी।
