झरिया बाजार में सांड का आतंक, व्यवसायी की मौत के बाद नगर निगम पर उठे सवाल झरिया। झरिया बाजार में सांड के हमले में गंभीर रूप से घायल नमकीन व्यवसायी दशरथ प्रसाद गुप्ता की सोमवार को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद झरिया के व्यवसायियों में शोक के साथ-साथ धनबाद नगर निगम की कार्यशैली को लेकर नाराजगी भी सामने आई है। बताया गया कि दशरथ प्रसाद गुप्ता झरिया बाजार में अपने व्यवसाय से जुड़े काम में लगे थे। इसी दौरान एक सांड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद नगर निगम पर बढ़ा आक्रोश दशरथ प्रसाद गुप्ता की मौत के बाद व्यापारियों का कहना है कि झरिया बाजार और आसपास के इलाकों में आवारा सांड लंबे समय से परेशानी का कारण बने हुए हैं, लेकिन धनबाद नगर निगम की ओर से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। व्यापारियों का सवाल है कि आखिर किसी बड़ी दुर्घटना या जान जाने के बाद ही नगर निगम की नींद क्यों खुलती है? बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में खुलेआम घूम रहे खतरनाक सांडों को हटाने की जिम्मेदारी किसकी है? कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। साथ ही नगर निगम से झरिया बाजार समेत प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में आवारा सांडों और मवेशियों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि सड़क और बाजार में आवारा मवेशियों की समस्या सिर्फ यातायात की परेशानी नहीं, बल्कि अब लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी है। नगर निगम यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाता है, तो व्यापारी संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हो सकते हैं। दशरथ प्रसाद गुप्ता की मौत ने एक बार फिर झरिया बाजार में आवारा सांडों की समस्या और नगर निगम की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।