दिल्ली में सरकार ने सबक नहीं लिया अब किसान आंदोलन की तैयारियां हो रही है किसानों की जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर मोहन सरकार की सुस्ती सरकार के लिए मुसीबत बन सकती है परन्तु सरकार को किसानों की कोई चिंता नहीं है इसलिए बीजेपी के किसी नेता का कोई बयान जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर नहीं आ रहा है।
दीपक शर्मा की रिपोर्ट
महेश पटेल ने जल, जंगल, जमीन और किसानों के हक-अधिकार के लिए आंदोलन में शामिल होने की अपील की
आलीराजपुर :- जल, जंगल और जमीन के हक-अधिकार तथा प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर 25 अगस्त को आलीराजपुर में आंदोलन किया जाएगा। मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद के उपाध्यक्ष महेश पटेल ने आलीराजपुर एवं जोबट विधानसभा क्षेत्र के किसान भाइयों-बहनों और ग्रामीणजनों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
महेश पटेल ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल की लड़ाई नहीं, बल्कि अपने हक-अधिकार, जमीन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि बाबा देव, गाता, खेत-खलिहान और बुजुर्गों से मिली जमीन हमारी पहचान और धरोहर है, जिसे बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण से प्रभावित गांव सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों की आवाज को मजबूती से प्रशासन के सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही खाद की किल्लत और टोकन व्यवस्था से परेशान किसानों की समस्याएं भी आंदोलन के माध्यम से उठाई जाएंगी।
महेश पटेल ने बताया कि 25 अगस्त को सुबह 11 बजे टांटिया मामा चौराहे से किसान एवं ग्रामीण एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे। यहां जमीन अधिग्रहण सहित किसानों और ग्रामीणों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी जाएंगी। उन्होंने कहा कि जोबट, मोटा उमर, सेवड़ छोटी जुवारी, बड़ी जुवारी,उबगारी, सेमलाया सहित जिले के कई गांवों में जल, जंगल और जमीन के मुद्दे को लेकर ग्रामीण एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने सभी किसान, आदिवासी समाज और ग्रामीणजनों से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। “जल, जंगल, जमीन हमारा अधिकार है। हमारी जमीन, हमारी पहचान और हमारा भविष्य है।”

