केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने महाराष्ट्र में रहने के लिए मराठी भाषा सीखी जानी चाहिए, इस रुख का समर्थन किया है। हालांकि, उन्होंने मांग की है कि बाहर से आए ऑटो-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने की समय सीमा में थोड़ा और समय दिया जाना चाहिए।गिरिराज सिंह का बयान उन्होंने इस रुख का समर्थन किया है कि यदि महाराष्ट्र में रहना है, तो मराठी भाषा आनी ही चाहिए। हालांकि, उनका कहना है कि जो प्रवासी या गैर-मराठी भाषी चालक हैं, उन्हें भाषा सीखने के लिए सरकार को थोड़ी समय सीमा बढ़ाकर देनी चाहिए। उनका मानना है कि वह इस अनिवार्यता के विरोध में नहीं हैं, बल्कि आम लोगों और श्रमिकों को तालमेल बिठाने के लिए थोड़ा समय मिलना चाहिए।
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