
मौदहा से जिला ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर। जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद की समस्त नगर निकायों में विगत वित्तीय वर्ष में कराए गए विकास कार्यों तथा जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा संचालित योजनाओं एवं निर्माणाधीन/पूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में नगर निकायवार कार्यों की प्रगति, जलनिकासी, साफ-सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आवासीय योजनाओं तथा नगरीय सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए अगले मानसून से पहले ही प्रभावी एवं स्थायी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर वर्तमान में जलभराव की समस्या सामने आई है, उनका चिन्हांकन कर कारणों का तकनीकी परीक्षण कराया जाए तथा बेहतर जलनिकासी के लिए नालियों, ड्रेनेज सिस्टम एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में ठोस प्रस्ताव तैयार किए जाएं। मलिन बस्तियों एवं जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आगामी मानसून में लोगों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।

उन्होंने नगर निकायों को निर्देशित किया कि सड़कों एवं अन्य कराए गए निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी वीडियोग्राफी कराई जाए। कार्यों की वास्तविक स्थिति का परीक्षण करने के बाद ही आगामी कार्यों की प्राथमिकता एवं बेहतर प्लानिंग तैयार की जाए। नगर निकायों में साफ-सफाई की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि नगर निकायों में स्थापित ओपन जिमों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाए तथा आवश्यकतानुसार स्थायी शेड की व्यवस्था कराई जाए।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बनाया जाए प्रभावी
जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि नगर निकायों में कूड़ा-कचरा के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। एमआरएफ सेंटरों को नियमित रूप से संचालित कराया जाए तथा कचरे के पृथक्करण एवं निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित नगर के लिए केवल सफाई कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कचरे के संग्रहण से लेकर उसके वैज्ञानिक निस्तारण तक पूरी व्यवस्था को प्रभावी बनाना आवश्यक है।
सफाई व्यवस्था में आधुनिक मशीनों का प्रयोग, मैनुअल स्कैवेंजिंग पर पूर्ण रोक
जिलाधिकारी ने सफाई कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जा रहे उपकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि कर्मचारियों को आधुनिक एवं मैकेनाइज्ड सफाई उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन्हें पारंपरिक एवं असुरक्षित तरीकों से कार्य न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसी अमानवीय एवं प्रतिबंधित प्रथा को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीवर, नालियों एवं अन्य स्थानों की सफाई के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरणों का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए तथा सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
पीएम आवास में पात्रता एवं भूमि का करें सत्यापन
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आवास स्वीकृत किए जाने से पूर्व पात्र लाभार्थी की भूमि एवं अन्य पात्रता का समुचित सत्यापन कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जिस व्यक्ति के नाम पर आवास स्वीकृत किया जा रहा है, भूमि का स्वामित्व भी उसी के नाम पर हो तथा वह योजना की निर्धारित पात्रता पूरी करता हो।
कांशीराम आवासों का पात्र व्यक्तियों को मिले लाभ
डूडा द्वारा निर्मित कांशीराम आवासों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आवासों में अनधिकृत रूप से रह रहे व्यक्तियों का सत्यापन कराया जाए। अनधिकृत कब्जे की स्थिति में नियमानुसार नोटिस जारी कर आवास खाली कराया जाए तथा पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों, विशेषकर ऐसे परिवार जिनके पास स्वयं का आवास नहीं है, को नियमानुसार आवास आवंटित किए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
सीएचसी-पीएचसी में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में साफ-सफाई की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, शौचालयों की स्वच्छता तथा परिसर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि नगर निकायों से संबंधित प्रत्येक कार्य का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक नगरीय वातावरण उपलब्ध कराना होना चाहिए। इसके लिए वर्तमान समस्याओं का केवल तात्कालिक समाधान न करते हुए दीर्घकालिक एवं स्थायी कार्ययोजना तैयार की जाए और प्रत्येक स्तर पर उसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
बैठक में संबंधित अपर जिलाधिकारी न्यायिक रिजवाना शाहिद, डिप्टी कलेक्टर पैगाम हैदर, परियोजना अधिकारी डूडा विकास यादव, डीआईओ सतीश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

