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जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने रखीं विभिन्न समस्याएं, 75 आवेदन प्राप्त,

कलेक्टर ने अधिकारियों को त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

गणेश पाण्डे ,डिण्डौरी , 19 मई  2026

       डिंडौरी    कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों एवं नागरिकों ने अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जनसुनवाई में कुल 75 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने पेयजल संकट, अधूरे निर्माण कार्य, लंबित भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना, फसल नुकसान, आर्थिक सहायता, रोजगार सहित विभिन्न समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।

जनसुनवाई में पहुंचीं श्रीमती द्रोपती बाई पति सोनूलाल बनवासी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व आए तूफान और बारिश के कारण उनके घर का छप्पर क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे उन्हें रहने में कठिनाई हो रही है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आदिवासी संकटापन मद से 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की तथा राशि का उपयोग घर की मरम्मत के लिए करने की समझाइश दी।

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      इसी प्रकार ग्राम पंचायत बरगांव के चिरौंजी लाल साहू वृद्धावस्था पेंशन एवं भूमि सीमांकन संबंधी आवेदन लेकर पहुंचे। कलेक्टर ने तत्काल संबंधित जानकारी प्राप्त कर बताया कि उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है तथा खाते में राशि जमा हो रही है। साथ ही सीमांकन हेतु लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए बताया कि 15 दिवस के भीतर कार्रवाई की जाएगी।

                   ग्राम बिजौरा माल निवासी सत्कार झारिया ने अपनी दिव्यांगता की समस्या बताते हुए मोटर ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर शीघ्र समस्या के निराकरण के निर्देश दिए।

ग्राम पंचायत डांडविदयपुर निवासी 77 वर्षीय रामकली ने वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर ने तत्काल संबंधित अधिकारी से जानकारी लेकर ई-केवाईसी के माध्यम से समस्या का समाधान कराया।

                  जनसुनवाई में 75 वर्षीय चैती बाई, ग्राम सरहरी पोस्ट सिमरिया ने बताया कि पुत्र एवं बहू के निधन के बाद उनके नाती-नातिनों के पालन-पोषण और शिक्षा की जिम्मेदारी उन पर है तथा उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को बच्चों को अनाथ छात्रवृत्ति एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, डिप्टी कलेक्टर वैद्यनाथ वासनिक, डीपीसी श्रीमती श्वेता अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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