
ग्राम पंचायत चारपारा बलौदा में सामुदायिक भवन में महान् स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहिद बीर नारायण सिंह की पूण्य तिथि को शहादत दिवस के रूप में बनाया गया। उपस्थित सभी लोगों ने शहीद वीर नारायण सिंह क़ी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए आदिवासी नेता राजेंद्र कंवर ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ की अस्मिता, वीरता और बलिदान की गौरवशाली परंपरा का प्रेरक अध्याय है। वे गरीबों, किसानों और वंचितों के सच्चे रक्षक थे और उनकी गाथा सदैव आने वाली पीढ़ियों को न्याय एवं मानवता के लिए खड़े होने की प्रेरणा देता रहेगा। वही मंच संचालक महेश मिरी ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अन्याय और अत्याचार क़े खिलाफ अंग्रेजो से लड़ाई लड़ी। उनका बलिदान इतिहास में अमर रहेगा।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजेन्द्र कवर, महेश मिरी, नर्मदा सोनी, मोहन कुर्रे, गंगोत्री राजेन्द्र कवर, परमेश्वर सिंह, रामेंद्र सिंह, छहुरा, शैलेन्द्र कुमार, मुरारीलाल, शिवसेवक पैकरा, सतीस, अनुराग, रामसिंह, रामकिशोर, मदन मोहन, रामकृष्ण, रामखिलावन, मनोज सिंह, हरनारायण, सुख सागर, मनमोहन सिंह, राजू, प्रमोद सिंह, फिरत, राजकुमार, बजरंग, छत्रपाल सिंह, मंगल, अशोक कुमार, मनबोध, सरोज, राजा, सहदेव, चंद्रहास, शिव कुमार, सहित सर्व आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।