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भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा-जिल्हाधिकारी रोहन घुगे

“वंदे मातरम्” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सामूहिक गायन कार्यक्रम

जलगांव, (अनिलकुमार पालीवाल)

भारत देश के प्रति हमारा जो कर्तव्य है, उसे हमें निष्ठापूर्वक निभाना चाहिए। धर्म, जाति, प्रांत, भाषा में बँटकर नहीं, बल्कि एकता के भाव से हम सब एक हैं—यह संदेश हमें पूरे विश्व को देना चाहिए। भारत को विश्वगुरु बनाने का जो स्वप्न हमने देखा है, उसे साकार करने के लिए हम सबको मिलजुलकर कार्य करना होगा। विकसित भारत के निर्माण के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए, ऐसा आवाहन जिल्हाधिकारी रोहन घुगे ने किया।

 

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“वंदे मातरम्” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर, शासन के कौशल्य रोजगार, उद्योजकता विभाग, नवाचार विभाग तथा सांस्कृतिक कार्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पुलिस परेड मैदान पर आयोजित “वंदे मातरम्” गीत के सामूहिक गायन कार्यक्रम में वे बोल रहे थे।

 

कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. महेश्वर रेड्डी, महानगरपालिका आयुक्त ज्ञानेश्वर ढेरे, कार्यक्रम के वक्ता अशोक पाटील, तहसीलदार शीतल राजपूत, जिला व्यवसाय शिक्षा एवं प्रशिक्षण अधिकारी एन.वी. चव्हाण, प्राचार्य वाय.के. कुलकर्णी आदि उपस्थित थे।

 

जिल्हाधिकारी आगे बोले—“‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। इस गीत ने विभिन्न धर्म, जाति, भाषा और प्रांतों को जोड़ने वाला एकता का मंत्र दिया। स्वतंत्रता आंदोलन में ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष ने पूरे भारत को एक सूत्र में बाँध दिया और असंख्य महान विभूतियों, हुतात्माओं को बलिदान के लिए प्रेरित किया। आज जो भारत हम देख रहे हैं, उसके निर्माण में इस गीत का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इस समारोह का उद्देश्य इतिहास को पुनः स्मरण कराते हुए अपने कर्तव्यों का बोध कराना है। इस गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरे राज्य में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है,” ऐसा उन्होंने कहा।

 

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अशोक पाटील ने कहा—“‘वंदे मातरम्’ कोई साधारण गीत नहीं, यह हम सब भारतीयों की हजारों वर्षों की भावना है, यह हमारा ‘स्व’ है, हमारी आत्मचेतना है। इस राष्ट्र में, स्वतंत्रता के युद्ध में, अनेक महापुरुषों ने अपने प्राणों की आहुति दी। और ऐसे ही, 7 नवंबर 1875 को, एक ऐसा मंत्र उत्पन्न हुआ जिसने करोड़ों लोगों को एक साथ जोड़ दिया, एक ही छत के नीचे ला दिया, और एक ऊर्जा, एक ज्वाला, एक तेज उत्पन्न किया। इस गीत से जो चेतना और प्रकाश प्रकट हुआ, उसी का जन्मोत्सव हम आज मना रहे हैं,” ऐसा उन्होंने कहा।

 

इस अवसर पर उपस्थित सभी मान्यवरों, विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने “वंदे मातरम्” गीत का सामूहिक गायन किया। इस दौरान औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों ने लघुनाटिका भी प्रस्तुत की।

 

इस कार्यक्रम में विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, शहर के विभिन्न विद्यालयों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के छात्र-छात्राएँ, साथ ही एन.सी.सी., आर.एस.पी., स्काउट और गाइड के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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