

रिपोर्टर राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत
हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के रमना गांव के पास रोड किनारे मिली एक महिला की नग्नवस्था में शव की शिनाख्त हो गई है। मृतका काजल महोबा जनपद के कबरई थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। शनिवार को उसके भाइयों ने शव की पहचान अपनी बहन के रूप में की।

भाइयों ने अपनी बहन काजल की हत्या का आरोप बहनोई और मामले की विवेचना कर रहे दरोगा पर लगाया है। उनका कहना है कि बहनोई विनोद, जो सीआरपीएफ में तैनात है, और महोबा में तैनात दरोगा अंकित ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है।

मौदहा कोतवाली क्षेत्र के रमना गांव के पास रोड किनारे पर बीते गुरुवार की सुबह एक महिला का शव नंगवस्था में खाई में मिला था। घटनास्थल पर सड़क से करीब 20 मीटर तक खून बिखरा हुआ था, जिससे यह एक ब्लाइंड मर्डर का मामला लग रहा था।कबरई थाना क्षेत्र के मकरबई गांव निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उनकी बहन काजल की हत्या की गई है। दूसरे भाई सतीश कुमार ने जानकारी दी कि उनकी बहन 12 नवंबर बुधवार को अकेले कोर्ट गई थी, जहां बहनोई विनोद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा चल रहा था।
भाइयों का आरोप है कि उसी दौरान उनकी बहन का अपहरण कर लिया गया और हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में लाकर उसकी हत्या कर दी गई। उनका यह भी आरोप है कि दहेज के मुकदमे की विवेचना दरोगा अंकित कर रहा था, जिससे उनके बहनोई ने उससे मिली भगत कर ली थी। इस हत्याकांड में दोनों की मिली भगत का आरोप लगाया गया है।
फिलहाल पुलिस की तरफ से किसी को गिरफ्तारी के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। चूंकि अब शव की शिनाख्त हो गई है तब उम्मीद की जा रही है कि पुलिस जल्द मामले का खुलासा करेगी।