
आळंदी में भक्तों की भारी भीड़
आळंदी — (अनिलकुमार पालीवाल)
भक्तिमय माहौल में ज्ञानोबा-तुकाराम के गजर के साथ माऊली का संजीवन समाधि सोहळा आज दोपहर उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। काले के कीर्तन के साथ इस सोहळे का समापन किया गया।
आळंदी में यात्रा के निमित्त लाखों भक्तों की भीड़ उमटली थी। भीड़ में चाहे जितनी देर लग रही हो, पर दर्शन का संतोष सभी एक-दूसरे के साथ बाँटते हुए वारकरी आज लौटती यात्रा पर निघाले। सुविधाओं-असुविधाओं की परवाह न करते हुए लाखों भक्तों ने संजीवन समाधि स्थल पर मस्तक टेककर दर्शन प्राप्त किए। भक्तों की भीड़ से आळंदी पूर्णत: खचाखच भरी हुई थी।
नन्हें बच्चों से लेकर युवाओं और वृद्धों तक—पिछले तीन दिनों से सभी ने भजन, कीर्तन और दर्शन का लाभ लिया। ताल-मृदंग की गूंज के बीच आए वारकरी जहाँ जगह मिली वहीं ठहर गए। संपूर्ण जगत की माऊली—ज्ञानेश्वर महाराज, सिद्धेश्वर महाराज—इनका भक्तों ने श्रद्धा-भाव से दर्शन किया।
आज, दिनांक 18 को संजीवन समाधि सोहळे का सफल समापन हुआ। “न जाने यह पवित्र अवसर फिर मिले या न मिले”—इस भाव से वारकरी अपने लाडके माऊली को प्रणाम कर वापस लौटने लगे। देहू और पंढरपुर की दिशा में भी कई वारकरी आगे बढ़ते दिखाई दिए। माऊली के दर्शन की अपार आस्था के कारण लाखों की संख्या में भक्त यहाँ उमड़े थे।
पुलिस प्रशासन और शासन की ओर से कड़ा बंदोबस्त किया गया था। पुणे तथा पश्चिम महाराष्ट्र से एस.टी. महामंडल ने भक्तों के लिए अच्छी सुविधा एवं व्यवस्था उपलब्ध कराई।