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तीर्थराज विमलकुण्ड पर दीपदान 02 नवम्बर देव उठावनी एकादशी पर

 

तीर्थराज विमलकुण्ड पर दीपदान 02 नवम्बर देव उठावनी एकादशी पर

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रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां डीग 9783029649

कामां – कार्तिक मास का महीना भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाने का उत्तम समय है। इस दौरान दीपदान और तुलसी पूजा करने से अक्षय पुण्य मिलता है। अन्न दान, सात अनाज का दान और सुहाग सामग्री दान करने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
हिंदू धर्म में कार्तिक मास को सबसे पवित्र महीना माना गया है। इसी मास में भगवान विष्णु अपनी योग निद्रा से जागते हैं। इसी महीने करवा चौथ, दीपावली और छठ महापर्व सहित कई बड़े त्योहार पड़ते हैं। इस पावन मास में नियमपूर्वक दीपदान और तुलसी पूजा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक मास में किए गए दान और दीपदान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और सभी पापों का नाश होता है।मन्दिर विमल बिहारी क़े सेवाअधिकारी संजय लवानिया ने बताया कि पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल एकादशी 02 नवंबर 2025 की है यह दिवस दीपदान के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है। इस दिन कामवन विराजित तीर्थराज विमलकुण्ड पर भव्य दीपदान का आयोजन होगा। देवोत्थान एकादशी क़े दिन आयोजित होने वाले इस दीपदान का दर्शन लाभ प्राप्त करने कामवन सहित आसपास क़े ग्रामीण अंचल से हजारों धर्मप्रेमी पधारेंगे तथा देशी विदेशी कृष्ण भक्त भी दर्शन का आनंद प्राप्त करेंगे। कार्तिक माह में दीपदान और तुलसी पूजा से देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को राजसी सुख प्राप्त होता है।
कार्तिक मास में दीपदान को बेहद ही शुभ फल देने वाला माना गया है। इस पवित्र मास में रोजाना सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करके नदी या तालाब में दीपदान करने से विशेष पुण्य मिलता है। वहीं, सुबह तुलसी के सामने घी या तिल के तेल का दीपक जलाने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और अगले जन्म में वह महान कुल में जन्म लेता है। कार्तिक मास में तुलसी पूजा और गंगा स्नान करने से प्राप्त पुण्यों से ही अगले जन्म में रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी बनीं।
कार्तिक मास में अन्न दान का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, श्रद्धा भाव से अन्न दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।
कार्तिक माह में सतनजा यानी सात प्रकार के अनाज का दान करने से व्यक्ति को सात जन्मों तक सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
कार्तिक माह में सुहागिन महिलाओं को सुहाग सामग्री का दान करना चाहिए। इससे सौभाग्य और अखंड सुहाग की प्राप्ति होती है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार कार्तिक मास में भगवान विष्णु को तिल अर्पित करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।

वही दूसरी ओर तीर्थराज विमल कुंड दीपदान महायज्ञ समिति कामवन के अध्यक्ष निहाल मीणा ने बताया कि दीपदान की तैयारी बड़े जोर शोर से चल रही है ,मीणा ने बताया कि ये दीपदान सभी आमजन के सहयोग से प्रतिवर्ष एकादशी पर आयोजित होत है ! दीपदान कमेटी में राजेंद्र कटारा, उमाशंकर शर्मा, भगवान दास गुप्ता, ऐश्वर्य कटारा, मनोज सिंघल, सोनु चौबिया, चन्द्र शेखर शर्मा, शेखर शर्मा, सहित कामवन के प्रमुख स्कूलों के छात्र छात्राओं के श्रम के सहयोग से व अन्य सेवा भावी कार्यकर्ता द्वारा किया जाता है  !

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