राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के१००व*100 वर्ष का हुआ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्साहपूर्ण अनुशासन में निकला पथ संचलन* राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने पर भ्याना में स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक अनुशासन में पथ संचलन निकाला। घोष की धुन पर पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए स्वयंसेवकों ने पथ संचलन में भाग लिया तथा बड़ी संख्या स्वयंसेवक इसकी व्यवस्था में लगे। पथ संचलन को देखने के लिए लोग सड़क किनारे उमड़े। पद संचलन सरस्वती शिशु मंदिर से प्रारंभ होकर ,कॉलोनी,बस स्टैंड, जयनगर रोड चोपड़ा मंदिर छोटा मंदिर नरसिंह मंदिर व नगर के सभी मार्गो से होता हुवा, सरस्वती शिशु मंदिर में पहुंचा। जहां मुख्य वक्ता प्रांत सह समरसता प्रमुख लक्ष्मीनारायण चौहान ने अपने बौद्धिक में कहा कि भारत भूमि प्राचीन काल से ही विश्व गुरु एवं सोने की चिड़िया रही है। हमारा इतिहास अत्यंत गौरवशाली है। लेकिन हिंदू समाज अपने पूर्वज एवं अपनी परंपराओं को भूल रहे है।समाज संगठित होगा तो उसकी सामूहिक शक्ति से ही राष्ट्रनिर्माण संभव होगा। हमें पुण्यभूमि भारत को परम वैभव पर ले जाना है