
श्रीमद्भागवत सप्ताह में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां 9783029649
नंद के घर आनंद भयो ,जय कन्हैया लाल की
कामां डीग जिले क़े कामां कामवन स्थित तीर्थराज विमलकुण्ड विराजित मदनगोपाल सिद्धबाबा मन्दिर पर 8 सितम्बर से 14 सितम्बर तक महन्त सच्चिदानंद महाराज क़े तिरोभाव क़े उपलक्ष में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह क़े चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया. इस दौरान कथा पंडाल में प्रसिद्ध भजन ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ पर सभी श्रद्धालु काफी देर तक झूमते व थिरकते रहे। श्रीकृष्ण-जन्मोत्सव कार्यक्रम को लेकर कथास्थल को गुब्बारों व फूल-मालाओं से आकर्षक ढंग से सजाया गया। कथावाचक व्यास रामकुमार श्रीधाम बरसाना ने प्रवचन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर व्याख्यान किया । कथावाचक ने कहा कि जब-जब अत्याचार, अनाचार व अन्याय बढा है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है. अत्याचार को समाप्त कर धर्म की स्थापना को लेकर ही प्रभु का अलग-अलग रूपों में अवतार होता है । जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड दी, तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ । कथा के दौरान बासुदेव, यशोदा व श्रीकृष्ण के बाल-रूप की झांकी देख सभी श्रद्धालु जयकारा लगाते हुए नृत्य करने लगे । प्रवचन के क्रम में कथावाचक ने कहा कि जीवन में अच्छे रास्ते पर जाना है, तो संकल्प लेना जरूरी है. हर बच्चे को अपने माता-पिता व गुरू की बातों को मानना चाहिए । जिन बच्चों के ऊपर माता-पिता का आशीर्वाद है, उन्हें संसार में सब कुछ प्राप्त है । हर एक माता-पिता को चाहिए कि अपने साथ बच्चों को भागवत कथा, सत्संग, कीर्तन में जरूर साथ लाएं. धर्म की कथा सुनने से बच्चों में अच्छी संस्कार आती है । सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा के आयोजन से भक्तिमय माहौल बना हुआ है ।भागवत कथा के दौरान व्यास पूजा, भजन, झांकी व आरती में कथा के अंत में प्रसिद्ध आरती ‘श्री भागवत भगवान की है आरती, पापियों को पाप से है तारती’ का सामूहिक रूप से गायन हुआ । श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण भी किया गया । कथा में महन्त मोहनदास ,राधामाधव दास ,प्राण गोविन्द ,गोपाल दास ,राधाकृष्ण दास ,नन्दकिशोर दास ,सेवायत संजय लवानिया सहित सैकड़ों साधुजन ,महिलाएं व भक्तजन मौजूद रहे ॥