
मौदहा से जिला ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर। साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी ई-केवाईसी के जरिए सिम कार्ड जारी कर साइबर अपराधियों को बेचने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 48 अवैध सिम कार्ड, दो मोबाइल फोन और दो आधार कार्ड बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा फर्जी ई-केवाईसी के माध्यम से जारी कराए गए 105 सिम कार्डों का इस्तेमाल विभिन्न राज्यों में साइबर अपराधों में किया गया, जिनसे संबंधित 170 शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक कुमार पुत्र रामखिलावन, निवासी ग्राम भौरा डांडा थाना सुमेरपुर, हमीरपुर तथा विक्रान्त सिंह पुत्र बलवान सिंह, निवासी ग्राम देवपुरा पोस्ट लमसर थाना कालपी, जालौन के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि 21 अगस्त को वादिया शोभा पत्नी राजेन्द्र कुमार निवासी ग्राम भौनिया, चंदपुरवा थाना सुमेरपुर तथा 25 अगस्त को माया पत्नी रामबहादुर निवासी ग्राम भुलसी, थाना सिसोलर की तहरीरों के आधार पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई थी।
ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
जांच में पता चला कि दोनों आरोपी POS एजेंट के रूप में काम करते थे। विक्रान्त सिंह एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी में फील्ड ऑफिसर था, जबकि दीपक कुमार उसके सहयोगी के रूप में काम करता था। दोनों बिना संबंधित व्यक्तियों की जानकारी और सहमति के उनके नाम पर ई-केवाईसी कर सिम कार्ड निकलवाते थे। बाद में इन सिम कार्डों को साइबर अपराधियों को ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था।
पुलिस के मुताबिक दीपक कुमार ने कुल 69 सिम कार्ड जारी किए, जिनमें से 19 राज्यों में साइबर फ्रॉड की 114 घटनाएं सामने आई हैं। वहीं विक्रान्त सिंह ने 36 सिम कार्ड जारी किए, जिनका इस्तेमाल 16 राज्यों में साइबर अपराध की 56 घटनाओं में पाया गया।
पुलिस ने यह सामान किया बरामद
दीपक कुमार के पास से 29 अवैध सिम, एक मोबाइल फोन और दो आधार कार्ड बरामद हुए, जबकि विक्रान्त सिंह के कब्जे से 19 अवैध सिम और एक मोबाइल फोन मिला। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

