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मनावर के ऋषि बॉलीवुड में नगर का नाम कर रहे हैं रोशन

हालिया रिलीज फिल्म सूबेदार में लिखे हैं गीत..कई फिल्मों विज्ञापन और वेब सीरीज में कर चुके हैं काम..



रिपोर्टर : दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार।। कहते हैं मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इस बात को अपने जीवन में आत्मसात कर इसे जीवंत कर दिखाया मनावर के युवा ऋषि उपाध्याय ने। आज उन्होंने मुंबई जैसी महानगरी में छोटे से क्षेत्र से निकलकर अपने हौसले, प्रतिभा और आत्मविश्वास से बॉलीवुड में एक सफल मुकाम बनाया है। इनकी कहानी कड़ी मेहनत और लगन का जीता जागता उदाहरण है। विगत दिनों अनिल कपूर , सौरभ शुक्ला, मोना सिंह जैसे कलाकारों से सजी फ़िल्म सूबेदार रिलीज़ हुई। जिसका मुख्य गीत ‘लल्ला’ लिखने वाले और कोई नहीं बल्कि निमाड़ के बहुमुखी कलाकार, गीतकार, गायक *ऋषि उपाध्याय* हैं। मुंबई की कई एड. फिल्मों, सीरियल्स और प्राइवेट एल्बम्स में लेखन, गीत, संगीत और आवाज़ देने वाले ऋषि मनावर नगर के चहेते कलाकार हैं।

साहित्यकार विश्वदीप मिश्रा ने बताया कि ऋषि उपाध्याय मेधावी और बहुमुखी प्रतिभा के धनी है। बचपन से ही गीत संगीत से उनको एक जुनून के हद तक चाहत थी। उन्होंने बताया कि धार जिले के मनावर में अध्ययन और इंदौर के श्री कृष्ण संगीत महाविद्यालय से संगीत में मास्टर डिग्री लेने के बाद वे, संगीत में अपना हुनर दिखाने फ़िल्म नगरी मुंबई पहुंचे, पर भाग्य ने उन्हें फिल्मों की बजाए, विज्ञापन की दुनिया का ख्यात लेखक बना दिया। एंबिएंस डार्सी एड एजेंसी से शुरू करके, लॉ एंड कैनेथ और साची एंड साची जैसे इंटरनेशनल ग्रुप में काम करते हुए, कैंट वाटर प्यूरीफायर, हीरो मोटो कॉर्प, पी एंड जी विक्स, बोरोप्लस, हिमानी, मेरिको पैराशूट, गोदरेज, रामबंधु जैसे सैकड़ों ब्रांड्स और राजनैतिक पार्टियों के लिए भी कैंपेन लिखे। विज्ञापन जगत के प्रतिष्ठित रेडियो मिर्ची अवार्ड और गोवा फेस्ट जैसे अवॉर्ड्स भी जीते। पिछले ढाई दशक से ज़्यादा समय में ऋषि उपाध्याय ने सैकड़ों विज्ञापन, कैंपेन लेखन,क्रिएटिव डायरेक्शन के अतिरिक्त अपने पहले प्यार संगीत से कई एड जिंगल्स लिखे और उनकी धुनें रचीं। साथ ही हिंदी ,उर्दू और संस्कृत में वॉयस ओवर करते हुए, ऑडिबल डॉट कॉम जैसे प्लेटफार्म पर कई ऑडियो बुक्स में अपनी आवाज़ दी।

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ऋषि उपाध्याय ने फ़िल्म सेंसर बोर्ड जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में सैकड़ों फिल्मों को सेंसर किया है। लोककला विशेषकर निमाड़ी से उनका प्यार उनकी इंस्टा रील्स में दिख ही जाता है। घूमने के शौकीन ऋषि ने ‘रोमिंग ऋषि म्यूज़िक’ नाम से अपना इंस्टा चैनल भी बना रखा है। उन्होंने फोक फैमिली नाम का एक लोकगीत बैंड बनाया है जिसमें उनके परिवार के सदस्य ही मिलकर लोकगीतो की प्रस्तुतियां देते हैं। उनके दोनों बालक, वरेण्य और वरद उपाध्याय एडवर्टाइजिंग फील्ड के वॉयस ओवर आर्टिस्ट और गायक हैं और कईं विज्ञापनों में एक्टिंग और अपनी आवाज़ दे चुके हैं। उनके बड़े बेटे वरेण्य ने ‘लव यू शंकरा’ नाम की फिल्म का टाइटल गीत गाया है।

ऋषि उपाध्याय ने मुंबई में युवा प्रतिभाओं के लिए ‘द रूट्स ओपन माइक’ नाम का निःशुल्क सांस्कृतिक मंच बनाया है और उसे 4 सालों से सफलतापूर्वक चला रहे हैं। वे संस्कार भारती के मुंबई महानगर सह—महामंत्री पद पर रहते हुए अपने कला और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन भी कर रहे हैं।

ऋषि उपाध्याय के फिल्मी, ग़ैर फ़िल्मी सभी गीतों को उनके यूट्यूब चैनल रोमिंग ऋषि म्यूजिक और स्पॉटिफाई पर सुना जा सकता है। ऋषि बताते हैं कि सूबेदार फिल्म के गीत ‘लल्ला’ को लिखने के लिए उन्होंने बुंदेलखंडी अंदाज़ के बोलों का उपयोग किया है। क्योंकि रोहन—विनायक के संगीत और सुरेश त्रिवेणी के निर्देशन से सजी फ़िल्म सूबेदार की कहानी की पृष्ठभूमि वहीं की है। उन्होंने बताया कि फ़िल्म की स्क्रीनिंग के दौरान जब वे अनिल कपूर से मिले तो उन्होंने खुश हो कर ऋषि को गले से लगा कर बधाई देते हुए कहा कि ‘लल्ला’ गीत ने वाकई फिल्म में जान डाल दी है। उनकी हालिया रिलीज़ फिल्म सूबेदार को प्राइम वीडियो ओटीटी प्लेटफार्म पर देखा जा सकता है। नगर का नाम गौरवान्वित करने पर ऋषि उपाध्याय को नगर के इष्टमित्रों, स्नेहीजनों, परिजनों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक संगठनों की और से हार्दिक बधाई उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं।।

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