
ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर नियंत्रण के लिए उड़नदस्ता दल गठित,कलेक्टर का आदेश जारी
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर/डीजे/साउंड सिस्टम) के अनियंत्रित एवं नियम विरुद्ध उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आदेश जारी कर उड़नदस्ता दलों का गठन किया गया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश शासन गृह (लॉ एंड ऑर्डर) विभाग के निर्देशों तथा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के आदेश के पालन में की गई है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि धार्मिक स्थलों एवं अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को नियमानुसार नियंत्रित करने तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए दलों का गठन आवश्यक था।

गठित उड़नदस्ता दलों में विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारियों को सम्मिलित कर उन्हें तीन दलों में विभाजित किया गया है। दल क्रमांक एक में श्री विनय प्रकाश ठाकुर, तहसीलदार पांढुर्णा, श्री प्रमोद आमने (पटवारी), श्री जितेंद्र धुन्ढे (पटवारी) तथा श्री अश्विन अम्बुलकर (पटवारी) को शामिल किया गया है। इस दल के निरीक्षण दिवस सोमवार, रविवार एवं शनिवार निर्धारित किए गए हैं।
दल क्रमांक दो में सुश्री अश्विनी गोहिया (नायब तहसीलदार तिगांव), श्री पवन पवार (पटवारी) तथा श्री पवन पराडकर (पटवारी) को शामिल किया गया है। इस दल के निरीक्षण दिवस मंगलवार एवं शुक्रवार निर्धारित किए गए हैं।
दल क्रमांक तीन में श्री तिरथलाल ईरपाचे (नायब तहसीलदार नांदनवाड़ी), श्री प्रविण किरपाने (पटवारी) तथा श्री राजकुमार जैसवाल (पटवारी) को शामिल किया गया है। इस दल के निरीक्षण दिवस बुधवार एवं गुरुवार निर्धारित किए गए हैं।
आदेश में यह भी उल्लेखित किया गया है कि अनुविभाग पांढुर्णा के समस्त परीक्षा केंद्रों को शिक्षण संस्थानों से 100 मीटर की परिधि तक ‘शांत क्षेत्र’ (Silence Zone) घोषित किया गया है, जहां किसी भी प्रकार का शोर अथवा पटाखे फोड़ना पूर्णतः वर्जित रहेगा। इसके अतिरिक्त वैवाहिक कार्यक्रमों या जुलूसों में डीजे के उपयोग को परीक्षाओं की अवधि के दौरान पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है।
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों पर लाउडस्पीकर, एम्प्लीफायर अथवा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। विशेष परिस्थितियों में केवल सक्षम प्राधिकारी (एसडीएम) की लिखित पूर्व अनुमति से ही इनका उपयोग किया जा सकेगा।
रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे के मध्य किसी भी प्रकार की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी तथा अनुमति प्राप्त होने की स्थिति में भी ध्वनि की तीव्रता निर्धारित डेसिबल सीमा (शांत क्षेत्र हेतु 40–50 dB) से अधिक नहीं होगी।
निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित आयोजकों अथवा व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों, आयोजकों एवं संस्थाओं से अपील की गई है कि वे शासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें, जिससे परीक्षार्थियों एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।