
हमीरपुर से ब्यूरो चीफ़ राजकुमार की रिपोर्ट
मुस्कुरा हमीरपुर।बांधुर खुर्द में बीती रात आयोजित हुए रामलीला में सीता स्वयंबर,धनुष यज्ञ व परशुराम लक्षमन संबाद का जीवंत मार्मिक मंचन किया गया।जिसे सुन दर्शक भाव विभोर हो गए।वही धुनष के टूटते ही दर्शकों के द्वारा फूलों की बर्षा की गयी।
मुस्करा विकास खंड क्षेत्र के गांव बांधुर खुर्द में चल रहे दो दिवसीय श्री रामलीला में दूसरे दिन सोमवार की बीती रात को आयोजित श्री रामलीला मंचन में रामलीला की शुरुआत जिला पंचायत सदस्य दिनेश सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने भगवान श्री राम की झांकी की आरती करते हुए झांकी का प्रथमलोकन किया।इसके बाद दूर दराज से आये सुप्रसिद्ध कलाकारो के द्वारा धनुष यज्ञ की लीला के मंचन में सीता स्वयंवर के समय दूर दूर से आए बड़े-बड़े सूरमा राजा जब शिव जी का विशाल धनुष नहीं तोड़ पाए तो राजा जनक क्रोध में आकर विलाप करने लगते है। यह सुनकर लक्ष्मण क्रोधित हो जाते है।तभी भगवान श्रीराम ने विश्वामित्र की आज्ञा पाकर धनुष भंग कर देते है तो।राजा जनक के चेहरे में खुशी की लहर दौड़ जाती है।इसके बाद सीता ने श्रीराम के गले में वरमाला डाली तो मौजूद दर्शको ने भी पुष्प वर्षा की।वही दूसरी ओर शिव धनुष टूटने पर भगवान परशुराम ने सीता स्वयंवर सभा में आकर क्रोध प्रकट करते हुए धनुष तोड़ने वाले को पूछा तो श्रीराम ने जवाब दिया कि धनुष तोड़ने बाला आपका कोई दास ही होगा यह जवाब सुनकर परशुराम का क्रोध और अधिक भड़क जाते है इस आग में घी डालने का कार्य लक्ष्मण ने किया। परशुराम और लक्ष्मण के मध्य जबरदस्त मार्मिक संवाद हुआ।मामला ज्यादा बढ़ने पर श्रीराम ने असलियत प्रकट करके दोनों को शांत किया।

