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*आरएसएस के तत्वावधान में हिन्दू समाज के द्वारा बालसी में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन*

Mahasamund/Saraipali

*आरएसएस के तत्वावधान में हिन्दू समाज के द्वारा बालसी में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन*

*सरायपाली* राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्य उद्देश्य हिन्दूओं को संगठित कर चरित्र निर्माण, भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना, अनुशासन के माध्यम से समाज को संगठित और सशक्त बनाना हिन्दू समुदाय को एकजुट करते हुए भारतीय संस्कृति और सभ्यतागत मूल्यों का संरक्षण करना है । जिसका अंतिम लक्ष्य भारत का सर्वांगीण विकास और आत्मनिर्भरता है। इसके लिए स्वयंसेवकों द्वारा समाज में देशभक्ति, सेवाभाव, और राष्ट्रीय गौरव की भावना पैदा की जाती है । यह शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय रहता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने स्वयंसेवकों को शाखाओं के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक प्रशिक्षण देकर व्यक्ति निर्माण है करता है।यह आपदा प्रबंधन, शिक्षा, सामाजिक समरसता, ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में भारतीय समाज को जागृत करता है। अपने शताब्दी वर्ष में संघ समाज में पंच परिवर्तन लक्ष्य को पूर्ण करने में अनथक प्रयास कर रही है। पंच परिवर्तन के तहत् सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुम्ब प्रबोधन, स्व: आधारित जीवन, नागरिक कर्तव्यबोध निहित है। इस लक्ष्य के साथ संघ देशव्यापी कार्यक्रम कर रहा है, जिसमें ‘हर गांव, हर बस्ती, घर-घर’ संपर्क अभियान, हिन्दू सम्मेलन, युवा सम्मेलन,सामाजिक सद्भाव प्रबुद्ध जन गोष्ठी और नागरिक संवाद शामिल हैं ।इस संदर्भ में ग्रामीणों के द्वारा ग्राम बालसी में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता संघ के जिला ग्राम विकास संयोजक श्री प्रमोद त्रिपाठी समाजसेविका अनिता चौधरी सरायपाली खंड के सहसंघचालक युधिष्ठिर साहू, कार्यवाह टंकेश्वर जयसवाल, सरस्वती शिशु मंदिर बालसी प्राचार्य शिक्षिका मंजू साहू, जगन्नाथ मंदिर पुजारी नवीन कुमार नंदे, ग्रामीण जगदीश प्रधान, खुशबू साहू, धर्म जागरण संयोजक पुरूषोत्तम प्रधान अन्य ग्रामीण उपस्थित थें। मुख्य वक्ता प्रमोद त्रिपाठी ने कार्यक्रम में संघ पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुम्ब प्रबोधन, स्व: आधारित जीवन, नागरिक कर्तव्यबोध के संदर्भ में विषय में विस्तारित रुप बताया, समाजसेविका अनिता चौधरी ने हिन्दू धर्म के कुरितियों को त्यागने, जाति भेदभाव व छुआछुत मिटाने, आपसी संगठनात्मक संरचना मजबूत करने के संदर्भ में विस्तार से बताया इसके साथ टंकेश्वर प्रसाद जायसवाल ने संघ के कार्यों और उद्देश्यों को विस्तारित रुप से बताया।

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