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भक्तों को तीन रूपो में होते है माताजी के दर्शन

आस्था और विश्वास का प्रतीक माँ हरसिद्धि का पावन धाम जहां भक्तों की होती है हर मनोकामना पूरी

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार।। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर सोमवार से प्रारंभ हो रही है और मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है। हाथी पर मां दुर्गा का आगमन बहुत शुभ माना जाता है। यह सुख, शांति, समृद्धि और ऐश्वर्य का प्रतीक है तथा 01 अक्टूबर 2025 को नवमी तिथि तथा 02 अक्टूबर 2025 गुरुवार को विजयादशमी के उत्सव के साथ नवरात्रि का पर्व संपन्न होगा।

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मां हरसिद्धि मंदिर सिंघाना जहां भक्तों की हर मनोकामना होती है पूरी

मनावर से 15 किलोमीटर दूर ग्राम सिंघाना में मनावर रोड पर स्थित मां हरसिद्धि का हजारों वर्ष पुराना पत्थरों से निर्मित अति प्राचीन मंदिर है। माना जाता हैं कि यह मंदिर पांडव काल से भी पुराना है। इसे मां हरसिद्धि शक्ति पीठ के रूप में जाना जाता है। यहां भक्तों की हर मनोकामनाएं पूरी होती है। इस मंदिर में सिद्धि दात्री मां हरसिद्धि और मां सरस्वती (सरसिद्धि) की दो प्रतिमाएं विराजित हैं। पांडव काल में अज्ञात वास के समय पांडवों ने मां हरसिद्धि का जलाभिषेक नर्मदा नदी से जल लाकर किया था। मान्यता है कि यहां पर आने वाले हर भक्त की मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। यहां वर्ष भर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहता है। नौ दिनो तक शारदीय नवरात्रि पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान, गरबा नृत्य, भजन संध्या, तथा अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

भक्तों को तीन रूपो में होते है माताजी के दर्शन

पंडित अनिल पांडे ने बताया कि यहां स्थापित मां हरसिद्धि की प्रतिमा तीनों पहर अपना स्वरूप बदलती है। प्रात: काल में बाल्यावस्था, दोपहर में युवा अवस्था और शयन आरती के समय श्रद्धालुओं को मां शक्ति स्वरूपा अपने वृद्धावस्था में दर्शन देती है। यहां पर भगवान पंचायत गणेश, महादेव, खेड़ापति हनुमान, भैरवनाथ विराजमान है। मंदिर में एक बावड़ी बनी हुई थी, जिसमें खुदाई के समय जीर्ण-शीर्ण अवस्था में कई मूर्तियां प्राप्त हुई थी। ग्राम सिंघाना में मां हर सिद्धि की कृपा से 4 कुंड 84 बावड़ी है। इस गांव में साढ़े बारह हनुमान भी विराजित हैं। आज भी मां हर सिद्धि मंदिर में अष्टमी के हवन के बाद ग्राम पंचायत खेड़ापति हनुमान को तेल सिंदूर चढ़ाती है।

विशाल चुनरी यात्रा 

पुजारी शेखर पांडे ने बताया कि महाअष्टमी पर नवरात्रा महोत्सव समिति द्वारा पंचायत भवन से विशाल चुनरी यात्रा निकाली जाती है। महाअष्टमी पर हवन होता है जिसमें मंडलोई परिवार सैकड़ों वर्षों से आहुति देते आ रहे हैं। मां हरसिध्दि मंदिर परिसर में वर्षभर अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होते हैं। विशेष रूप से दोनों नवरात्रियाँ बड़े धूमधाम से मनाई जाती हैं। परंपरानुसार ग्राम प्रत्येक घर से श्रद्धा एवं आस्था का अंश माँ के दरबार तक पहुँचता है। जिससे यह महायज्ञ पूरे क्षेत्र का सबसे पावन अनुष्ठान माना जाता है। महायज्ञ की महिमा अद्वितीय है।

जनसहयोग से ग्राम पंचायत ने करवाए विकास कार्य 

ग्राम पंचायत सिंघाना के उपसरपंच संदीप अग्रवाल ने बताया कि मां हरसिद्धि मंदिर में समय-समय पर किए गए निर्माण कार्यों एवं मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण से यह स्थान भक्तों के लिए आस्था, श्रद्धा और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है। जिसमें 46 बाय 100 फिट का सामुदायिक भवन, गांव से मंदिर तक का सीसी रोड़ बगीचा का निर्माण कर बच्चों के लिए झूले, पेवर्स, पानी की सुविधा, तथा सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए की गई है। आगे भी मंदिर परिसर में विभिन्न विकास कार्यों की योजना बनाई गई है ताकि यहां आने वाले भक्तों को अधिक सुविधा और आध्यात्मिक वातावरण मिल सके।

मंदिर परिसर में भव्य प्रवेश द्वार आगामी समय में बनाया जाना प्रस्तावित है। मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं। विशेषकर नवरात्रि महोत्सव के अवसर पर यहां अपार भीड़ उमड़ती है। नवरात्रि के सात दिनों में लगभग 10,000 से अधिक भक्त मां के दर्शन करते हैं, जबकि महाअष्टमी और नवमी के दिन यह संख्या बढ़कर 25,000 से ऊपर पहुंच जाती है। नवरात्रि के अवसर पर देशभर से भक्तगण यहां पहुंचते हैं। यहां पर गुजरात और इंदौर से आने के लिए सुगम सड़क मार्ग है। दूर दूर से श्रद्धालुजन मनोकामना लेकर आते है। मंदिर का संचालन सामूहिक समितियों के माध्यम से किया जाता है। नवरात्रि महोत्सव का आयोजन मां हरसिद्धि मंदिर नवरात्रा महोत्सव समिति द्वारा तथा द्वादश के शुभ दिन महा भंडारे का आयोजन मां हरसिद्धि मंदिर भंडारा समिति की देखरेख में होता है।इन दोनों समितियों के साथ संपूर्ण नगर के जनमानस का सहयोग और मां भगवती का आशीर्वाद सदैव बना रहता है जिनके आशीष और सार्थक भाव से हम इस कार्य को कर पा रहे है।

मंदिर को भव्य और सुंदर बनाने में ग्राम वासियों का बड़ा योगदान रहा है। जनसहयोग से ग्राम पंचायत द्वारा कई विकास के कार्य कराए गए जिससे सिंघाना की पहचान मां हरसिद्धि के नाम से बनी हुई है। नवरात्रि में नौ दिनों तक मेले का आयोजन होता है। मंदिर परिसर में रात 8 बजे से गरबा प्रारंभ होकर देर रात्रि तक चलता है। भजन संध्या तथा जगराता का भी भव्य आयोजन किया जाता है।

मंदिर परिसर में दो गुफा द्वार

ग्राम सिंघाना के बुजुर्ग बताते कि आज भी मंदिर प्रांगण में गुफा मार्ग है। जो बाग गुफा और मांडव गुफा से जुड़ा हुआ है। कई लोग यहां कुल देवी के रूप में माता का पूजन करते है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान आदि कई प्रदेशों से श्रद्धालुजन अपनी आराध्य कुलदेवी का पूजन करने आते है।

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