
Aligadhnewsउर्वरकों की गुणवत्ता, समयबद्ध आपूर्ति और मूल्य नियंत्रण को लेकर जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण और बिक्री प्रणाली की होगी सतत निगरानी
प्रिपोजिशनिंग स्टॉक से प्रत्येक समिति पर यूरिया एवं डीएपी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
उर्वरक निरीक्षक नियमित निरीक्षण कर फर्जी बिक्री, जमाखोरी एवं ओवररेटिंग की शिकायतों पर करें त्वरित कार्रवाई
266 रुपए प्रति बैग यूरिया एवं 1350 रुपए प्रति बैग डीएपी की दर से ही हो बिक्री
जिले में 25759 मीट्रिक टन यूरिया, 2588 मीट्रिक टन डीएपी, 5445 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध
अलीगढ़ 17 जुलाई 2025 जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में कृषकों को गुणवत्तापरक रासायनिक उर्वरकों की समय से उपलब्धता सुनिश्चित करने, निर्धारित मूल्य पर विक्रय करने, कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर प्रभावी रोक लगाने के सबंध में कलैक्ट्रेट सभागार में बैठक आहूत की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण और बिक्री प्रणाली की सतत निगरानी की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरकों की आपूर्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित करें एवं सभी बिक्री केंद्रों पर मूल्य सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य किया जाए।
उर्वरक निरीक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे नियमित निरीक्षण कर फर्जी बिक्री, जमाखोरी अथवा ओवररेटिंग की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करें। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सहायक निबंधक सहकारिता नागेंद्र पाल को चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि प्रिपोज़िशनिंग स्टॉक में से आवश्यकता के अनुसार प्रत्येक समिति पर यूरिया एवं डीएपी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दिया जाए।
उपनिदेशक कृषि अरुण कुमार चौधरी ने पीएसओ एवं आधार कार्ड से उर्वरक वितरण, रैक प्लान के अनुसार आपूर्ति, उर्वरक के साथ कोई अन्य उर्वरक टैग न करने, स्टॉक बोर्ड, रेट बोर्ड पर प्रतिदिन अंकन, विक्रेता को पीओएस पर्ची देने एवं अधिक उर्वरक क्रय करने वाले कृषक से खतौनी अवश्य प्राप्त करने और उसका संपूर्ण विवरण बिक्री रजिस्टर में अंकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि 266 रुपए प्रति बैग यूरिया एवं 1350 रुपए प्रति बैग डीएपी से अधिक बिक्री न की जाए।
जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में 25759 मीट्रिक टन यूरिया, 2588 मीट्रिक टन डीएपी, 5445 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है, जिसमें से सहकारिता क्षेत्र में 5151 मीट्रिक टन यूरिया, 495 मीट्रिक टन डीएपी और 2243 मीट्रिक टन एनपीके है, अवशेष उर्वरक निजी क्षेत्र में दी गई है। थोक विक्रेताओं ने बताया कि यूरिया के सापेक्ष डीएपी की डिमांड कम है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, सहायक निबंधक सहकारिता नागेंद्र पाल सिंह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी, थोक विक्रेता एवं कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे
