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ये हैं मुंबई पुलिस की धाकड़ और जाबांज महिलाएं।

इनके कंधे पर है मुंबईकरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी।

विजय कुमार भारद्वाज /मुंबई

ये हैं मुंबई पुलिस की धाकड़ और जाबांज महिलाएं।

इनके कंधे पर है मुंबईकरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी।

मुंबई / महारष्ट्र: देश की आर्थिक राजधानी में अपराध के साथ आतंकी गतिविधियों 26/11 का आतंकी हमला हो या फिर मुंबई के सीरियल बम धमाके रोकने और नजर रखने की कड़ी चुनौती रहती है। मुंबई की सुरक्षा संभालने में महिला पुलिस ऑफिसर भी अहम रोल निभा रही हैं।मुंबई पुलिस में अभी तैनात हैं 22 महिला पुलिस अधिकारी और मुंबई पुलिस में 3 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी हैं।सवा करोड़ से अधिक लोगों की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी है।और 3 महिला पुलिस अधिकारी साइबर थाने को भी संभालती हैं। मुंबई पुलिस में महिला अधिकारियों पर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है।आए दिन बम हमलों की कथित धमकियां, भारी-भरकम सुरक्षा बंदोबस्त, वीवीआईपियों की आवाजाही, लाखों गाड़ियों को रोजाना सुव्यवस्थित तरीके से मंजिल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी, फिल्मी सितारों के आवास और देश के नामचीन कारोबारियों का आशियाना…इतना ही नहीं, प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का बिजनेस ऑफिस और दर्जनों एतिहासिक और सामरिक जगहें। मुंबई के इन लोकेशनों की सुरक्षा से लेकर अपराधियों के धड़-पकड़ तक, मुंबई पुलिस दिन-रात एक किए हुए रहती हैं। पुलिस के इस अनवरत कार्यों में पुरुष पुलिसकमियों का साथ वे हजारों महिला पुलिसकर्मी भी दे रही हैं, जो मुंबई पुलिस की धाकड़ महिलाएं हैं।डीसीपी तेजस्वी सातपुते, डीसीपी स्मिता पाटील, एसीपी रेणुका वागडे, एसीपी ज्याेत्सना रासम, एसीपी कल्पना गाडेकर, सीनियन पीआई मौसमी पाटील और सीनियर पीआई ज्योति भोपले।कंधों पर दोहरी जिम्मेदारी है। ये जांबाज महिलाएं कानून-व्यवस्था संभालने के साथ-साथ घर-परिवार की जिम्मेदारी भी बखूबी उठा रखी हैं। इस समय मुंबई पुलिस में करीब 3 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं। हालांकि, इनकी संख्या करीब 13500 होनी चाहिए थी। इस हिसाब से देखें तो करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मियों की कमी हैं। इसके बावजूद मुंबई पुलिस में प्रमुख पदों पर तैनात 22 महिला अधिकारी करीब सवा करोड़ से अधिक लोगों की सुरक्षा करने में जुटी रहती हैं।ओवरऑल बात करें तो मुंबई पुलिस के आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सीनियर पीआई के पद पर 11 महिला पुलिस अधिकारी तैनात हैं। इनमें 3 महिला पुलिस अधिकारी साइबर थाने को भी संभाल रही हैं।महिला आईपीएस हैं DGP इनके नाम सरला वसाबे (येलो गेट थाना), रेणुका वुआ (विलेपार्ले थाना), मनीषा शिर्के(सायन थाना), नम्रता लोखंडे (सागरी 1 थाना), मंदाकनी नरोटे (गोराई थाना), जयश्री गजभिये (जोगेश्वरी थाना), मौसमी पाटील (सेंट्रल रीजन साइबर थाना), शर्मिला सहस्त्रबुद्धे (ईस्ट रीजन साइबर थाना), सुर्वणा शिंदे (नॉर्थ रीजन साइबर थाना), मंजूषा परब (भायखला थाना), ज्योति भोपले (चारकोप थाना) शामिल हैं। इसके अलावा एसीपी के पद पर 5 महिलाएं कार्यरत हैं, जिनमें ज्योत्सना रासम (पायधुनी), माया मोरे (येलो गेट), शोभा पिसे (ताड़देव), कल्पना गाडेकर (भोइवाड़ा) और रेणुका वगाडे (गोरेगांव)शामिल हैं। इसके साथ ही दो महिला डीसीपी मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था को संभाल रखी हैं, जिनमें डीसीपी स्मिता पाटील (जोन 12) और डीसीपी तेजस्वी सातपुते (जोन 5) हैं। रागसुधा आर (इंफोर्सेमेंट), डीसीपी वैशाली शिंदे (एलए3), नियति ठाकरे दवे (एसबी 2) और प्रदन्या झेडगे (डीसीपी ट्रैफिक साउथ) आदि शामिल हैं। इस समय महाराष्ट्र की डीजीपी यानी सभी पुलिसकर्मियों की कमान भी एक महिला के हाथों में हैं, जिनका नाम आईपीएस रश्मि शुक्ला है। वैसे देश में सबसे अधिक यानी 8 महिला पुलिस अधिकारियों को 2018 में मुंबई शहर की विभिन्न थानों को संभालने का मौका दिया गया था।

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