जिला ब्युरोचिफ रवि गोस्वामी,,
*सीतापुर।* अपने पुराने लंबित मांगों को लेकर आज आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं धरने पर उतर गईं। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी हम जो मेहनत करते हैं, उसके अनुरूप हमें मानदेय नहीं मिल पाता और हम मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
धरना स्थल से कार्यकर्ताओं ने सरकार के समक्ष 5 सूत्रीय मांगें रखीं।
*प्रमुख मांगें :-*
*1.* नियमितीकरण किया जाए। कार्यकर्ता को तीस हजार और सहायिका को पच्चीस हजार रुपए मानदेय दिया जाए।
*2.* कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर एवं सहायिकाओं को कार्यकर्ता बनाया जाए और उम्र का कोई बंधन नहीं होना चाहिए।
*3.* कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सामूहिक बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी व पी.एफ. उपलब्ध कराया जाए।
*4.* कार्यकर्ता-सहायिका की कार्यावधि के दौरान मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति, सेवानिवृत्त होने पर पांच लाख रुपए एवं तात्कालिक सहायता राशि तीन लाख रुपए दी जाए।
*5.* मध्यप्रदेश की तर्ज पर कार्यकर्ता-सहायिका को प्रतिवर्ष एक हजार रुपए मानदेय में वृद्धि की जाए। बढ़ती महंगाई के दौर में आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान होना पड़ता है और विभागीय कार्य के अलावा अन्य कई प्रकार की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
