

डिंडौरी,सरस्वती शिशु मंदिर इंग्लिश मीडियम स्कूल, सुबखार में संचालित ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का अष्टम दिवस सोमवार को हर्षोल्लास और अनुशासन के साथ मनाया गया। शिविर में बच्चों के मानसिक, शारीरिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखते हुए विविध विधाओं का समन्वित आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ:
1. शुभारंभ और गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम की शुरुआत वीणावादिनी माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और वंदना गायन से हुई। इस अवसर पर संस्था प्रमुख देवेन्द्र नाथ चतुर्वेदी, प्रधानाचार्य श्रीमती संतोषी सोनी, आचार्य परिवार, समस्त विधाओं के कुशल प्रशिक्षकगण और पालक बंधु उपस्थित रहे।
2. योग प्रशिक्षण – “योग से रहें निरोग”
योग प्रशिक्षक नारायण प्रसाद पाण्डेय ने हलासन, गोमुखासन, अनुलोम-विलोम प्राणायाम और भ्रामरी प्राणायाम का क्रमबद्ध अभ्यास कराया। उन्होंने प्रत्येक आसन की सही स्थिति, दैनिक जीवन में उपयोगिता और स्वास्थ्य लाभों पर विस्तार से चर्चा की। बच्चों को नियमित योग से एकाग्रता और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के टिप्स भी दिए गए।

3. संगीत और सांस्कृतिक कला
– संगीत प्रशिक्षक नारायण प्रसाद नंदा ने वाद्य यंत्रों की धुन पर गायत्री मंत्र और माँ सरस्वती की वंदना का सामूहिक अभ्यास कराया। सुर-ताल के साथ गायन से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा।
– मेंहदी कला में श्रीमती वृष्टि कुलेश और श्रीमती कमलेश वैश्य ने पारंपरिक और आधुनिक मेंहदी पैटर्न बनाकर बच्चों की रचनात्मकता को निखारा।
– शास्त्रीय नृत्य में कुमारी नंदिनी बर्मन ने शिव तांडव स्तोत्र की धुन पर शिव के तांडव और आनंद रूपों का प्रदर्शन किया। जटा मुद्रा, डमरू-त्रिशूल मुद्रा और अग्नि नेत्र मुद्रा के माध्यम से बच्चों को शास्त्रीय नृत्य की बारीकियाँ समझाई गईं।
– पेंटिंग में कुमारी दीपांशी वैश्य ने भगवान शिव का चित्र बनाकर बच्चों को हिन्दू संस्कृति और धर्म से जोड़ा।

4. भाषा, गणित और लेखन कौशल
– कर्सिव राइटिंग में कुमारी कुमकुम तिवारी ने दैनिक जीवन में उपयोगी छोटे शब्दों से वाक्य निर्माण का अभ्यास कराया।
– स्पोकन इंग्लिश में श्रीमती प्रीति डेहरिया ने समूह चर्चा और संवाद कौशल पर प्रशिक्षण दिया, जिससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा।
– अबेकस और टेलीग्राफी राइटिंग में कुमारी श्रुति जैन ने अंकों से मौखिक गणना और सरल गणितीय सिद्धांत सिखाए।
– वैदिक गणित में कुमारी आरजू नामदेव ने परमित्र अंक और बीजांक की सहायता से सवाल हल करने और उत्तर की जांच करने की विधि बताई।
5. निरीक्षण और शैक्षिक योजना पर बैठक
विद्यालय व्यवस्थापक नरेन्द्र सिंह राजपूत ने सभी गतिविधियों का सूक्ष्म अवलोकन किया। इसके बाद समस्त प्रशिक्षकों और आचार्य परिवार की बैठक बुलाई गई, जिसमें निम्न बिंदुओं पर चर्चा हुई:
– ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर के महत्व और पालकों के सकारात्मक अनुभव।
– शिविर से बच्चों के मानसिक पटल पर पड़ने वाले दीर्घकालिक लाभ।
– एनसीईआरटी आधारित नवीन पाठ्यक्रम और एलएम पद्धति द्वारा अध्ययन-अध्यापन कार्य को और प्रभावी बनाने की रणनीति।
– हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों के विद्यालयों में नवीन प्रवेश हेतु सघन संपर्क अभियान चलाने की योजना।
व्यवस्थापक नरेन्द्र सिंह राजपूत प्रारंभ दिवस से ही शिविर के मार्गदर्शक बने हुए हैं। उनका निरंतर मार्गदर्शन समस्त आचार्य परिवार और विद्यालय को प्राप्त हो रहा है।
समापन
संस्था प्रमुख देवेन्द्र नाथ चतुर्वेदी ने व्यवस्थापक नरेन्द्र सिंह राजपूत, प्रशिक्षकों, आचार्य परिवार और पालकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ। उपरोक्त सभी बिंदुओं की जानकारी विद्यालय के प्रचार-प्रसार प्रमुख कृष्ण कुमार पाण्डेय ने दी।