
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
स्टेट बैंक बैकयार्ड पोल्ट्री प्रदाय योजना से ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार का नया माध्यम ,विकासखंड पांढुर्णा के 58 हितग्राही लाभान्वित, कम लागत में पोल्ट्री व्यवसाय शुरू करने का अवसर
पांढुर्णा/03 जून 2026/
ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकासखंड पांढुर्णा में स्टेट बैंक बैकयार्ड पोल्ट्री प्रदाय योजना का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। योजना के माध्यम से विभिन्न ग्रामों के कुल 58 हितग्राहियों को बैकयार्ड पोल्ट्री इकाइयों का वितरण किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक हितग्राही को 80 डीवीए (Vanaraja) एवं 40 रंगीन चूजे, कुल 120 चूजे प्रदान किए जाते हैं। एक इकाई की कुल लागत 2,225 रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें 1,669 रुपये अनुदान राशि के रूप में तथा 556 रुपये हितग्राही अंशदान के रूप में शामिल हैं। इस व्यवस्था से ग्रामीण परिवारों को कम लागत में पोल्ट्री व्यवसाय प्रारंभ करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
विकासखंड के जिन ग्रामों में हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया गया है, उनमें पांढुर्णा (9), भूली (3), मारुड (3), राजडोंगरी (5), लांडोरी (2), चिमनखापा (2), खैरिपेका (8), लाम्बा (2), पारड़ी (1), दिघोरी (2), रजाडीखापा (2), मांगुरली (1), मोरडोंगरी (1), लोहरी साहनी (1), जामलापानी (11), पीपलपानी (4) तथा तिगांव (1) शामिल हैं।
उपसंचालक पशुपालन एवं डेरी विभाग श्री जी एस पक्षवार द्वारा बताया गया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आधारित आजीविका को मजबूती मिल रही है तथा परिवारों को अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। हितग्राहियों ने इस योजना को आर्थिक रूप से लाभकारी बताते हुए शासन एवं स्टेट बैंक के प्रति आभार व्यक्त किया है।
बैकयार्ड पोल्ट्री से प्राप्त होने वाली आय ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।