

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
सुमेरपुर हमीरपुर । मुंडेरा के पास हुई लूट की घटना को पुलिस ने भरसक नकारने का प्रयास किया। लेकिन पीड़ित घटना को सही बताते हुए मुकदमा दर्ज करने पर अड़ा रहा। आखिरकार पुलिस को सात लोगों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज करना पड़ा।
सिसोलर थानाक्षेत्र के किसवाही निवासी रोहित कुमार शनिवार की रात अपने बच्चे का मुंडन करने के लिए बहन सोमवती, चाची राजेश्वरी सहित अन्य परिजनों और रिश्तेदारों के साथ इको वैन से चित्रकूट जा रहा था। तभी रात करीब 11:00 बजे मुंडेरा गांव के निकट उसकी इको वैन को रोककर मुंडेरा निवासी रमैया, हरिशंकर,सोनू के दो भाई नाम अज्ञात एवं तीन महिलाओं ने जमकर मारपीट की और नकदी व जेवर लूट लिए। पीड़ित ने पीआरवी को सूचना दी। मौके पर पहुंची पीआरवी पुलिस कर्मियों ने पीड़ितों को धमकी देते हुए उल्टा मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा। इस पर पीड़ित परिजनों के साथ थाने पर आया और घटना से पुलिस को अवगत कराया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटना सुनने के बाद पुलिस ने मदद करने की बजाय उसे थाने से भगा दिया और सुबह दोनों पक्षों को आने के लिए कहा। थाने से मायूस होकर लौटा पीड़ित बच्चे का मुंडन कराने के लिए चित्रकूट चला गया और रविवार को मुंडन कराने के पश्चात वापस गांव आया। बताया कि लूट की घटना की दहशत से बहन सोमवती की तबियत बिगड़ गई, जिसको मौदहा सीएचसी में भर्ती कराना पड़ा। पीड़ित ने मुंडेरा गांव निवासी रमैया, हरीशंकर, सोनू के दो भाई नाम अज्ञात,व तीन महिलाओं के खिलाफ 30 हजार नकदी एवं वह बहन सोमवती के हार व मंगलसूत्र लूटने का आरोप लगाया। पुलिस ने इस घटना को पहले वाद विवाद व मारपीट तक होने की बात कहता रहा। लेकिन पीड़ित घटना को सत्य बता कर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने पर अड़ा रहा। इस पर पुलिस को बीएनएस की धारा 310 (2) में मुकदमा दर्ज करना पड़ा। थानाध्यक्ष योगेश तिवारी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश डाली जा रही है।