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अंबाह में आबकारी टीम के सामने ही प्रिंट रेट से महंगी बिक रही शराब, रेट लिस्ट भी नहीं लगाई
अंबाह-पोरसा में शराब की दुकान पर ओवर रेटिंग, 20 से 50 रुपए तक ज्यादा वसूली कर्मचारी करते हैं अभद्रता विभाग बेपरवाह
आकाश शुक्ला अंबाह। नियम के अनुसार किसी भी वस्तु को एमआरपी से अधिक नहीं बेचा जा सकता है, लेकिन यह नियम शराब की बोतलों पर लागू होता नजर नहीं आ रहा है। अंबाह विकासखंड के अंबाह एवं पोरसा क्षेत्र में स्थित सरकारी अंग्रेजी एवं देशी शराब खुलेआम ओवर रेटिंग की जा रही है। ग्राहकों से प्रति बोतल ₹20 से लेकर ₹50 तक अधिक वसूले जा रहे हैं। और यह सिलसिला लंबे समय से जारी है। इस पूरी गतिविधि के वीडियो भी सामने आ चुके हैं, फिर भी स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग इससे पूरी तरह अनजान बना हुआ है। नियमों के अनुसार, यदि कोई शराब ठेकेदार प्रिंट रेट से अधिक दाम पर शराब बेचता है, तो आबकारी टीम उस पर जुर्माना लगा सकती है। इसके अतिरिक्त, यदि किसी जिम्मेदार आबकारी अधिकारी के क्षेत्र में एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बेची जाती है, तो उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन अंबाह में आबकारी टीम की मौजूदगी में शराब दुकान पर प्रिंट रेट से अधिक दाम पर शराब बेचे जाने का मामला सामने आया है। एक ग्राहक ने इसका वीडियो बना लिया, जिसके बाद उसे अतिरिक्त पैसे वापस कराए गए। यह घटना शुक्रवार को हुई जब एक ग्राहक शराब खरीदने दुकान नंबर 03 पर पहुंचा। सेल्समैन ने उसे प्रिंट रेट से 20 रुपए अधिक में शराब दी। ग्राहक ने जब मोबाइल पर वीडियो बनाना शुरू किया और सेल्समैन से अधिक दाम वसूलने का कारण पूछा, तो उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ग्राहक ने दुकान में मौजूद आबकारी उपनिरीक्षक संतोष शर्मा और उनके सहयोगी से शिकायत की। आबकारी टीम ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए सेल्समैन से ग्राहक को लिए गए अतिरिक्त 20 रुपए वापस कराए। इसके बाद ग्राहक ने यह दूसरों लोगों को शेयर कर दिया। जिसमें आबकारी टीम के सामने ही अधिक दाम पर शराब बेची जा रही थी। यदि किसी जिम्मेदार आबकारी अधिकारी के क्षेत्र में एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बेची जाती है, तो उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है।
रात 10 बजे के बाद भी खुलती हैं दुकानें
पड़ताल में यह भी सामने आया कि दुकान अक्सर रात 10 बजे के बाद भी खुली रहती है और उस समय भी शराब की बिक्री जारी रहती है। नियमों के अनुसार, निर्धारित समय के बाद किसी भी शराब दुकान का खुला रहना गैरकानूनी है, लेकिन यहां यह भी खुलेआम हो रहा है।
180 एमआरपी की बोतल 250 में दे रहे
शहर में स्थित दुकान नंबर 03 पर सेल्समेन खुल्ले आम शराब प्रिंट रेट से अधिक बेच रहे है। शराब की दुकानों पर दुकान मैनेजर भी खड़े है फिर सेल्समेन के द्वारा शराब की दुकानों पर मनमाने दाम वसूले जा रहे है। और ग्राहक के द्वारा पूछा गया इस पर एमआरपी तो 180, 220 की हैं और आप 250 की क्यों दे रहे हो। सेल्समेन का कहना था कि लेना हो तो लो कंपनी से इसी रेट में बिक्री का कहा है और कोई समस्या है। तो मुरैना, भोपाल बात करो। बोतल तो 250 की मिलेंगी। सेल्समैन ने उपभोक्ता से बिल देने से मना कर दिया और प्रिंट से कोई मतलब नही ऐसा कहते हुऐ दिखे।
शराब की कृत्रिम कमी बताकर कर रहे लूट
कुछ स्थानीय नागरिकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दुकान पर समय-समय पर शराब की कृत्रिम कमी दर्शाई जाती है और ग्राहकों को अधिक दाम पर बियर खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। शिकायत करने पर ग्राहक के साथ बदसलूकी की जाती है और धमकाया जाता है।
रेट लिस्ट दिखावा: आदेश हवा में
शराब दुकानों पर रेट लिस्ट को लेकर पहले आबकारी अधिकारियों ने आदेश जारी किए थे और इसके बाद दुकानों पर रेट लिस्ट लगी, लेकिन अब यह सब गायब हो गया है। रेट लिस्ट इस तरह लगाई जाती है कि ग्राहकों को दिखे नहीं। विभाग के अफसर सब जानते हुए भी कार्रवाई नहीं करते।
विभाग का डर नहीं, निगरानी भी सुस्त
आबकारी अफसरों का शराब ठेकेदारों में कितना डर है, यह पिछले दिनों की कार्रवाई में सामने आ चुका है। जिन दुकानों पर विभाग ने कार्रवाई की वह दुकान फिर से ओवररेटिंग पर शराब की बिक्री कर रही हैं। जिले में करीब आधा सैकड़ा शराब दुकानों की संख्या है ऐसे में मुटठीभर आबकारी अमला कितनी निगरानी कर पाता होगा, यह पता चलता है।
सिंडिकेट जो ज्यादा चलते हैं उनपर मनमाने दाम
जो शराब व बीयर के ब्रांड ज्यादा चलते हैं। उन पर एमआरपी से भी ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं। यह एमआरपी से बीस से पचास रूपए तक ज्यादा वसूल किया जाता है। शहरी दुकानों में ऐसे मुख्य मुख्य ब्रांडों को चिन्हित कर एक ही रेट ठेकेदारों द्वारा लागू कर दिया जाता है। ऐसे में ग्राहक की मजबूरी बन जाती है कि उसे अपना निर्धारित ब्रांड चाहिए तो मनमाने दाम देना ही पड़ेंगें।
अंबाह में आबकारी टीम के सामने ही प्रिंट रेट से महंगी बिक रही शराब, रेट लिस्ट भी नहीं लगाई

