

📰 बस्ती – थानाध्यक्ष कप्तानगंज को CWC ने किया तलब, माँगा स्पष्टीकरण
👉 नाबालिग बालिका को आरोपी को सौंपने का गंभीर आरोप
बस्ती। जनपद में पुलिस कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कप्तानगंज थाना पुलिस पर आरोप है कि उसने एक नाबालिग बालिका को उसकी माँ के बजाय आरोपी के सुपुर्द कर दिया। मामले की शिकायत मिलने पर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने सख्त रुख अपनाते हुए थानाध्यक्ष कप्तानगंज और विवेचक को न्याय पीठ के समक्ष तलब कर स्पष्टीकरण माँगा है।
CWC अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने जारी पत्र में कहा है कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गाँव की नाबालिग बालिका 7 फरवरी को कॉपी-किताब खरीदने के बहाने घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। 8 फरवरी को पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की।
22 फरवरी को बालिका के थाने पहुँचने की सूचना पर उसकी माँ वहाँ पहुँची, जहाँ पता चला कि बालिका ने शादी कर ली है। इस पर नाराज़ माँ ने उसे घर ले जाने से इंकार कर दिया।
पुलिस पर मिलीभगत का आरोप
आरोप है कि पुलिस ने मामले में न तो बालिका और माँ की काउंसलिंग कराई और न ही उसे CWC के समक्ष पेश किया, बल्कि आरोपी से सांठगांठ कर बालिका को उसी के साथ भेज दिया।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब इसकी जानकारी चाइल्ड लाइन 1098 को हुई। बालिका की माँ पहले ही हेल्पलाइन पर सूचना दे चुकी थी।
माँ का गंभीर आरोप
पीड़ित माँ का कहना है कि:
22 से 25 फरवरी तक उसकी नाबालिग बेटी आरोपी के घर पर ही रही
पुलिस ने FIR दर्ज तो की, लेकिन उसकी कॉपी नहीं दी
25 फरवरी को थाने बुलाकर बेटी को साथ ले जाने का दबाव बनाया गया
CWC ने लिया संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए CWC अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव और मंजू त्रिपाठी की टीम ने थानाध्यक्ष और विवेचक से जवाब तलब किया है।
प्रेरक मिश्रा ने कहा:
“ऐसे मामलों में पारिवारिक तनाव होना स्वाभाविक है, लेकिन काउंसलिंग से समाधान संभव है। किसी भी स्थिति में नाबालिग को आरोपी को सौंपना पूरी तरह गलत है।”
आगे क्या?
अब सभी की निगाहें पुलिस के स्पष्टीकरण पर टिकी हैं। यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।