

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुछेछा हमीरपुर के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्वतंत्रता आंदोलन में उत्तर प्रदेश के योगदान विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं अभिलेख प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार और महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में संपन्न हुआ। मुख्य वक्ता प्रो. हरीश कुमार सिंह ने रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान को याद करते हुए स्वतंत्रता के मूल्यों पर जोर दिया, और विशिष्ट वक्ता प्रो. भवानीदीन ने बताया कि हमीरपुर के स्वतंत्रता संग्राम में 57 महिला सेनानियों ने भाग लिया था, जो बुंदेलखंड में सर्वाधिक है। वहीं डॉ. आनंद कुमार ने तुलसी, कबीर और निराला जैसे साहित्यकारों के माध्यम से राष्ट्र चेतना जगाने पर प्रकाश डाला तथा श्री दयानन्द सिंह चौहान और डॉ. विनय कुमार पटेल ने 1857 से 1947 तक हमीरपुर के ग्रामीण क्षेत्रों और स्थानीय क्रांतिकारियों की सक्रिय भागीदारी का विस्तृत ब्यौरा पेश किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. घनश्याम दास द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। उन्होंने इस आयोजन को कॉलेज के स्वर्ण जयंती वर्ष की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इसके साथ उन्होंने सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंट किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमित गोयल एवं डॉ. शिल्पी राय ने किया, जबकि संयोजन डॉ. सुशील कुमार यादव और डॉ संजय द्वारा किया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में अध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
