

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के सरस्वती (वाग्देवी) मंदिर बनाम कमाल मौला मस्जिद विवाद में सोमवार को हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई हुई। कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) की वैज्ञानिक रिपोर्ट पर सभी पक्षों को अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 16 मार्च 2026 को होगी।
*मई 2022 में दायर हुई थी याचिका*
यह मामला मई 2022 में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा दायर याचिका से शुरू हुआ था। याचिका में धार स्थित भोजशाला परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग की गई थी।
इस पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने 11 मार्च 2024 को एएसआई को विस्तृत सर्वे का आदेश दिया था।
*98 दिन चला वैज्ञानिक सर्वे*
कोर्ट के आदेश के बाद 22 मार्च 2024 से 27 जून 2024 तक कुल 98 दिनों तक गहन वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया गया। एएसआई ने अपनी रिपोर्ट 15 जुलाई 2024 को न्यायालय में प्रस्तुत की थी।
रिपोर्ट के क्रियान्वयन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अस्थायी रोक लगा दी गई थी। यह रोक हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के आवेदन पर 22 जनवरी 2026 को हटा ली गई।
*अब रिपोर्ट पर होगी बहस*
न्यायालय ने निर्देश दिया है कि एएसआई रिपोर्ट की प्रमाणित प्रतियां सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाएं। पक्षकार रिपोर्ट का अध्ययन कर अपने तर्क, आपत्तियां और सुझाव अदालत में प्रस्तुत करेंगे।
दो सप्ताह की इस अवधि के बाद 16 मार्च 2026 को होने वाली अगली सुनवाई में रिपोर्ट पर प्राप्त आपत्तियों और दलीलों पर विचार किया जाएगा। कानूनी जानकारों का मानना है कि यह चरण भोजशाला मामले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
*विवाद की दिशा तय करेगी रिपोर्ट*
एएसआई की वैज्ञानिक रिपोर्ट इस पूरे विवाद की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। वहीं, हिंदू संगठनों का कहना है कि रिपोर्ट से ऐतिहासिक तथ्यों पर स्पष्टता आएगी और वर्षों से चला आ रहा विवाद अंतिम फैसले की ओर बढ़ेगा।