

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार।। मां नर्मदा सेवा परिक्रमा के तहत अवधूत संतश्री दादा गुरु का 1500 नर्मदा परिक्रमावासियों के काफिले का गत दिनों धार- आलीराजपुर जिले की सीमा स्थित क्षेत्र के ग्राम कवड़ा में आगमन हुआ। यहां से वे शाम को डही पहुंचें। कृषि उपज मंडी परिसर में अवधूत संत दादा गुरुदेव का सत्संग कार्यक्रम आयोजित किया गया। धार ग्रामीण जिले की कुक्षी विधानसभा क्षेत्र के डही के ग्राम कावड़ मे भाजपा धार जिला ग्रामीण जिलाध्यक्ष चंचल पाटीदार ने अवधूत दादागुरु की निर्जला वायु नर्मदा परिक्रमा में सदगुरुदेव भगवान की अखंड निराहार मां नर्मदा सेवा परिक्रमा में पहुंचकर अवधूत श्री दादागुरु जी की आगवानी कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
दादागुरु की चौथी नर्मदा परिक्रमा
संत दादा गुरु और उनके साथ आए सैकड़ो परिक्रमावासियों के रात्रि विश्राम और भोजन व्यवस्था की गई। पैदल नर्मदा परिक्रमा के तहत संत दादा गुरु चौथी बार क्षेत्र में आगमन हुआ। इसके पूर्व वे 12 जनवरी 2024 को क्षेत्र में आगमन हुआ था। दादा गुरु की नर्मदा परिक्रमा निरंतर चल रही है जो कई वर्षों से जारी है।
पांच वर्ष से निराहार व्रत साधना
बताया जाता है कि करीब पांच वर्ष से मात्र नर्मदा जल पर आश्रित गुरुदेव का निराहार महाव्रत एक रहस्य बनता जा रहा है, जिससे वे विज्ञान के लिए भी कौतूहल का विषय बने हुए हैं। देश-दुनिया के वे एकमात्र ऐसे संत हैं, जिन्होंने प्रकृति, धरा, धेनु, जीवन दायिनी पवित्र नदियों के साथ मां नर्मदा पर ही अपना सब कुछ केंद्रित कर दिया है। दादा गुरु के साथ चल रहे परिक्रमा प्रभारी वेदांश तिवारी ने बताया कि दादा गुरु पिछले पांच वर्ष से अखंड निराहार हैं। इन दौरान उन्होंने नर्मदा जल के अलावा कुछ भी ग्रहण नहीं किया है। दादा गुरु का मानना है कि नर्मदा जल में ब्रह्मांड को ऊर्जा देने की शक्ति है और वे लोगों को इस चमत्कारी जल का महत्व समझाने के लिए यह यात्रा कर रहे हैं। नर्मदा नदी के संरक्षण और शुद्धिकरण के लिए जन-जागरण करने के साथ ही वृक्षारोपण, गोवंश रक्षा और नदी स्वच्छता का वे संकल्प दिला रहे हैं।
मां नर्मदा सेवा परिक्रमा पथ जिला धार
माँ नर्मदा, धर्म, धरा, धेनु, प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए पूर्ण समर्पित अवधूत सिद्ध महायोगी श्री दादागुरु चौथी बार नर्मदा परिक्रमा पर है। गत दिनों धार जिले के डही क्षेत्र में मंगल प्रवेश हुआ। कवड़ा हनुमान मंदिर रात्रि विश्राम – डही मंडी परिसर किया। 21 दिसंबर को पड़ियाल शिव मंदिर रात्रि विश्राम भंवरिया माता मंदिर के पश्चात 22 दिसंबर को लिंगवा गायत्री मंदिर रात्रि विश्राम मलवाड़ा नर्मदा मंदिर में होगा। 23 दिसंबर 2025 दोपहर – पिपलाज सीताराम भाई, रात्रि विश्राम करौली, 24 दिसंबर दोपहर – बाकानेर रात्रि विश्राम – बाकानेर हनुमान मंदिर, 25 दिसंबर • दोपहर – उटावद हनुमान मंदिर रात्रि विश्राम – काली बावड़ी, 26 दिसंबर 2025 • दोपहर – मांडू घाट के नीचे हनुमान मंदिर रात्रि विश्राम – मांडव राम मंदिर, दिनांक- 27 दिसंबर 2025 दोपहर भगवान्या रात्रि विश्राम धामनोद में होगा।
