
पुण्यतिथि पर याद किए गए भाई परमानन्द
सुमेरपुर हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने महान क्रांतिकारी भाई परमानन्द की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि भाई परमानन्द बलि पथ के अडिग राही थे, इनके देश के प्रति योगदान को विस्मृत नहीं किया जा सकता है। इनका जन्म 4 नवंबर 1876 को झेलम पंजाब में ताराचंद और मथुरा देवी के घर हुआ था। ये योद्धा, लेखक और समाजनिष्ठ थे। देश के क्रांतिकारी आन्दोलन को इन्होंने आधार प्रदान किया। शहीद भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरु, बिस्मिल जैसे युवा क्रांतिकारी के यह प्रेरणा स्त्रोत थे। इनकी भारत का इतिहास, वीर बन्दा वैरागी और मेरी आप बीती जैसी कृतियां प्रसिद्ध है। देश की आजादी के समय भारत विभाजन से दुखी होकर ये कमजोर हो गये और इसी चिंता में 8 दिसम्बर 1947 को इनका निधन हो गया था। इस कार्यक्रम में सिद्धा, प्रेम, सागर, महावीर प्रजापति इलेक्ट्रीशियन, दयाराम सोनकर, रिचा, भोलू सिंह, विकास, रामनरायन सोनकर, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।