
जालौन जिले के कुठौंद थाना परिसर से शनिवार देर रात सनसनीखेज मामला सामने आया। रात 9:30 बजे हुई गोली की आवाज के बाद पुलिसकर्मी जब सरकारी आवास पहुंचे तो वहां थाना प्रभारी अरुण कुमार राय खून से लथपथ पड़े मिले। पास में उनकी सर्विस पिस्टल भी मिली। उरई मेडिकल कॉलेज ले जाते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लेकिन सबसे बड़ा रहस्य गोली की आवाज के बाद सामने आया—
एक महिला सिपाही प्रभारी के कमरे से चीखते हुए बाहर भागी।
वह मंदिर की ओर दौड़ी और चिल्लाती रही — “गोली मार ली… गोली मार ली!”
इसके तुरंत बाद वह रहस्यमय तरीके से गायब हो गई।
अब सवाल यह—वह कमरे में क्या कर रही थी? गोली के समय वह वहीं क्यों थी? और अचानक गायब क्यों हो गई?
26 साल की सेवा, ईमानदार छवि और शांत स्वभाव के लिए जाने जाने वाले इंस्पेक्टर अरुण राय की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या यह आत्महत्या थी?
क्या कोई दबाव था?
क्या कोई निजी विवाद?
या इसमें किसी और का हाथ है?
फोरेंसिक टीम, मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड से लेकर सभी एंगल से जांच जारी है। महिला सिपाही अब इस केस की सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है।
कुठौंद थाना परिसर में सन्नाटा और पूरे जिले में तनाव का माहौल है।