

संतों के सानिध्य में सोमेश्वर महादेव मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा, पंचकुंडात्मक महायज्ञ का हुआ शुभारंभ
यजमान जोड़ों ने सिर पर कलश धारण कर भव्य कलश यात्रा में सहभागिता की, वहीं साधु-संत घोड़ी पर सवार होकर हाथों में भगवा ध्वज लिए श्रद्धापूर्वक आगे बढ़ते रहे।
पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
ढोल-नगाड़ो, शंखनाद और जयकारों से गुंजा नगर
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
धार नालछा /नालछा स्थित (गुरु पर्वत) पर प्राचीन श्री हिमकुंडेश्वर महादेव मंदिर एवं श्री टनाटन हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय पंचकुंडात्मक श्री शिव-शक्ति महायज्ञ एवं शिखर प्रतिष्ठा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ।
यह आयोजन अनंत विभूषित बैकुंठधामवासी संत श्री श्री 1008 श्री सर्वेश्वरदास जी महाराज (श्री रामपालकी सरकार) एवं महंत श्री श्री 1008 श्री हरगोविंदपुरी जी महाराज (श्री खेरेश्वर महादेव, राजस्थान) की दिव्य अनुकंपा से तथा महंत श्री श्री 1008 श्री राजेन्द्रपुरी जी महाराज (जुग्गा वाले बाबा) के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। वहीं श्री रामपालकी सरकार के कृपा पात्र परम शिष्य महंत श्री श्री 108 श्री प्रेमदास जी महाराज (नीतू बाबा) के मार्गदर्शन में महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ किया गया।
शुभारंभ के अवसर पर खारी बावड़ी स्थित प्राचीन सोमेश्वर महादेव मंदिर से संत-महात्माओं के सानिध्य में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों, डीजे और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई यज्ञ स्थल तेलन टेकरी पहुंची, जहां विधिवत पूजन-अर्चन के साथ पंचकुंडात्मक महायज्ञ प्रारंभ किया गया।
कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु, भक्तगण एवं साधु-संत शामिल हुए। नगरवासियों द्वारा जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। साधु-संत बग्गियों पर सवार होकर कलश यात्रा में शामिल हुये जो आकर्षण का केंद्र रहे।
यजमान जोड़ों ने सिर पर कलश धारण कर भव्य कलश यात्रा में सहभागिता की, वहीं साधु-संत घोड़ी पर सवार होकर हाथों में भगवा ध्वज लिए श्रद्धापूर्वक आगे बढ़ते रहे। पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
यज्ञ स्थल पर भव्य मेला भी सजा हुआ है, जहां बच्चों के लिए झूले एवं विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाई गई हैं। दूर-दराज के अखाड़ों से पधारे साधु-संतों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी दिव्य बना दिया है।
महायज्ञ के यज्ञाचार्य पं. राकेश जी शास्त्री एवं आचार्य विकास जी महाराज द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिदिन यज्ञ, पूजन, भजन-कीर्तन, प्रवचन, श्रीमद्भागवत कथा एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है।
