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सेजेस सरायपाली के प्रभारी प्राचार्य मनोज पटेल की प्रतिनियुक्ति समाप्त, पद का दुरुपयोग और वरिष्ठता विवाद के बीच प्रशासनिक कार्रवाई

महासमुंद, 17 अक्टूबर 2025: जिला शिक्षा अधिकारी, महासमुंद ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (सेजेस), सरायपाली के प्रभारी प्राचार्य श्री मनोज पटेल की प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। उनके स्थान पर व्याख्याता श्री प्रदीप नारायण सेठ को सेजेस सरायपाली का नया प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया है। यह प्रशासनिक निर्णय माननीय कलेक्टर महोदय की स्वीकृति के बाद लिया गया है, जिसका उद्देश्य विद्यालय में सुचारु प्रशासन और शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा देना है।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश क्रमांक 5928/सेजेस/स्था./2025, दिनांक 16/10/2025 के अनुसार, यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली के प्रतिवेदन पत्र क्रमांक 2140/क/स्टेनो/अविअ./2025, दिनांक 28.02.2025 के आधार पर की गई है। इस प्रतिवेदन में सेजेस सरायपाली में प्रभारी प्राचार्य की स्थिति और प्रशासनिक आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई थी। इसके अतिरिक्त, कार्यालयीन पत्र क्रमांक 4995/सेजेस/स्था./2025-26, दिनांक 09/09/2025 के माध्यम से संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें श्री मनोज पटेल को उनकी मूल शाला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भूथिया में वापस भेजने की अनुशंसा की गई थी।

विशेष रूप से यह भी सामने आया कि मनोज पटेल वरिष्ठता सूची में सेजेस में कार्यरत कई व्याख्याताओं से कनिष्ठ होने के बावजूद प्रभारी प्राचार्य पद पर पदस्थ थे। यह स्थिति प्रशासनिक और शैक्षणिक दृष्टि से विवादास्पद मानी जा रही थी। इसके अलावा, मनोज पटेल पर अपने करीबी शिक्षकों को मनमानी तरीके से आकस्मिक अवकाश प्रदान करने का आरोप भी था। मीडिया में यह मामला वायरल हुआ था कि जब जांच का समय आता था, तो आकस्मिक अवकाश को कुट रचना कर अर्जित अवकाश में बदल दिया जाता था। इस प्रकार के अवकाशों का दुरुपयोग कर प्राचार्य ने अपने पद और रसूख का इस्तेमाल करते हुए मामले को दबाने का प्रयास किया था। इस प्रकार की मनमानी और पद के दुरुपयोग की खबरों ने शिक्षा विभाग में चिंता बढ़ा दी थी।

उपर्युक्त विवादों और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है। आदेश के तहत, श्री मनोज पटेल की सेजेस सरायपाली में प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें तत्काल प्रभाव से उनकी मूल पदस्थापना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भूथिया, विकासखंड सरायपाली के लिए कार्यमुक्त किया गया है। यह प्रशासनिक फेरबदल विभाग की नीतियों के अनुरूप है, जिसमें प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारियों को उनकी मूल संस्था में वापस भेजने और नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने का प्रावधान है।

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इस बदलाव के साथ ही, श्री प्रदीप नारायण सेठ, जो वर्तमान में व्याख्याता (एल.बी.) के पद पर कार्यरत हैं, को सेजेस सरायपाली के प्रभारी प्राचार्य का कार्यभार संभालने का आदेश दिया गया है। श्री सेठ के नेतृत्व में विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। सेजेस विद्यालय राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्रदान करना है। ऐसे संस्थानों में पारदर्शी और जिम्मेदार नेतृत्व का होना अत्यंत आवश्यक है।

इस आदेश की प्रतिलिपि विभिन्न महत्वपूर्ण अधिकारियों और संबंधित पक्षों को सूचनार्थ एवं पालनार्थ भेजी गई है। इनमें संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर; कलेक्टर, जिला महासमुंद; मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत महासमुंद; विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सरायपाली; प्राचार्य, सेजेस सरायपाली; प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भूथिया और अन्य संबंधित पक्ष शामिल हैं। यह सुनिश्चित किया गया है कि आदेश का क्रियान्वयन सभी स्तरों पर सही ढंग से हो और विद्यालय के कामकाज पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

अनुशासनप्रिय जिला शिक्षा अधिकारी एवं जनहित के लिए समर्पित कलेक्टर महोदय का यह निर्णय स्पष्ट करता है कि न्याय और सत्य का आस्तित्व अभी भी कायम है। सत्य परेशान हो सकता है, पर कभी पराजित नहीं होता। इस निर्णय से यह संदेश जाता है कि प्रशासनिक स्तर पर भी सत्य और न्याय की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह प्रशासनिक परिवर्तन विद्यालय के हित में है और इससे शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा। श्री प्रदीप नारायण सेठ के नेतृत्व में सेजेस सरायपाली नई ऊंचाइयों को छुएगा और छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा का माहौल मिलेगा। यह कदम विभाग की पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है, जहां प्रशासनिक निर्णय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत लिए जाते हैं।

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