
सुप्रीम कोर्ट में एक वैवाहिक विवाद की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना ने पति-पत्नी के रिश्ते पर एक अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “पत्नी को अपने पति को ‘लट्टू’ समझने का रवैया नहीं अपनाना चाहिए।”
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि वैवाहिक संबंध परस्पर सम्मान, समझ और समानता पर आधारित होने चाहिए। किसी भी रिश्ते में एक पक्ष को दूसरे पर नियंत्रण या वर्चस्व की भावना नहीं रखनी चाहिए।
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की दो-न्यायाधीशीय पीठ ने यह टिप्पणी उस समय की, जब वे एक दंपत्ति के बीच चल रहे विवाद की सुनवाई कर रही थीं। अदालत ने मामले को सुलह और मध्यस्थता के लिए भेजते हुए कहा कि “पति-पत्नी दोनों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और रिश्ते को निभाने का प्रयास करना चाहिए।”
सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी आज के बदलते सामाजिक परिवेश में वैवाहिक संबंधों की गरिमा और पारस्परिक सम्मान को लेकर एक अहम संदेश