

अखण्ड भारत न्यूज़ जिला संवाददाता-हरिओम जाटव की रिपोर्ट l
नरसिंहगढ़- नेशनल लोक अदालत का आयोजन न्यायालय परिसर नरसिंहगढ़ में शनिवार 13 सितम्बर को किया गया जिसका शुभारंभ न्यायाधीश अशोक भारद्वाज, गौरव अग्रवाल, मीनू पचोरी दुबे, सुश्री स्वाति गोयल, अदिति मंडलोई, एसडीएम सुशीलकुमार एवं न्यायालय कर्मचारी व अधिवक्ता की उपस्थिति में दीप प्रचलित कर माता सरस्वती की पूजा अर्चना कर किया तत्पश्चात न्यायाधीश अशोक भारद्वाज ने बताया कि यह एक वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र है जो न्यायालय में लंबित या मुकदमे-पूर्व विवादों को समझौते या सौहार्दपूर्ण समाधान के माध्यम से निपटान के लिए एक मंच प्रदान करता है. लोक अदालतों को विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत वैधानिक दर्जा प्राप्त है l लोक अदालतों में विवादों का निपटान एक समझौते या सौहार्दपूर्ण समाधान के माध्यम से किया जाता है! जो न्यायालय में लंबित या मुकदमे-पूर्व विवादों को सुलझाने का एक वैकल्पिक तरीका है. लोक अदालत एक प्राचीन भारतीय प्रणाली है जो आज भी प्रासंगिक है! लोक अदालतों का निर्णय सिविल न्यायालय का आदेश माना जाता है और यह अंतिम होता हैl अर्थात इसके खिलाफ किसी न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती है. लोक अदालत में राजस्व प्रकरण,घरेलु हिंसा, बैंक सम्बन्धी, चेक बाउंस तथा विद्युत विभाग, नगरपालिका के प्रकरणों का निराकरण आपसी सहमति से किया गयाl लोक अदालत में ट्रैफिक चालान, बिजली बिल,मोटर दुर्घटना दावे, जमीनी विवाद पति-पत्नी विवाद आपसी झगड़ा बैंक संबंधी लेनदेन के मामले और अन्य मामलों का निपटारा किया l जिसमें फरियादियों ने आरोपियों के द्वारा कारित अपराध को माफ़ कर प्रकरण समाप्त कराये, जिससे दोनों पक्षों के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली साथ ही पारिवारिक विवादों के मामलों में दोनों पक्षों ने अपने आपसी विवादों को समाप्त कर दोनों पक्ष एक दुसरे के साथ ख़ुशी ख़ुशी अपने घर लौटे l लोक अदालत में पैरालीगल वालेंटियर हरिओम जाटव, फराह नाज, निक्कू शिवहरे, अंशुल शर्मा, महेश यादव, लखपत गुर्जर, राजा जाटव ने भी पक्षकारों की सहायता की l इस अवसर पर विधुत मंडल, बैंको, नगरपालिका व न्यायालय के कर्मचारी उपस्थित रहे l