
संवाद दाता अरविंद कोठारी
मनपा आयुक्त, महापौर को सामाजिक कार्यकर्ता अमोल धनराज केन्द्रे ने सन २०१९ में निवेदन देकर अंतिम संस्कार के समय शवदाह गृह में लगने वाली लकड़ी मुफ्त मिलने की मांग की थी।कई बार निवेदन देकर अनशन में भी मांग करके आम सभा में प्रस्ताव लाने का सुझाव दिया था।थाने महानगर पालिका के जन्म मृत्यु विभाग अधिकारी ने प्रदूषण होने की वजह से लकड़ी मुफ्त न देते हुए।जल्द ही एल पी जी शव दाहिनी शुरू करके को कहा था।पर ६ साल बीतने के बाद भी दिवा प्रभाग समिति क्षेत्र में नाही एल पी जी शव दाहिनी शुरू हुई और नाही लकड़ी मुफ्त हुई।पर ५ हजार रुपए का भाव बढ़कर ६५०० रुपए कर दिया गया।क्या यही विकास है। ब्रह्मुंबई,नवी मुंबई,कई जगह अंतिम संस्कार में लगने वाली सामग्री फ्री दी जाती है।तो थाने महानगर पालिका दीवा में मुफ्त में क्यों नहीं दे सकती।३५ साल से जादा वक्त हो चुका है दीवा को थाने महानगर पालिका में शामिल होकर। हर साल विकास की बाते तो बड़ी बड़ी होती है।पर विकास नहीं होता। ना पानी है, नाही शौचालय, ना ग्रन्थालय, ना वाचनालय, नाही अच्छे स्कूल, नाही कॉलेज, ना गार्डन, ना खेलने का मैदान , नाही हॉस्पिटल फिर आखिर किस का विकास होता है दीवा में।इलेक्शन आते हि करोड़ों का निधि देनेके वादे,विकास करने के खोखले झूठे वादे दिए जाते है।पर विकास नहीं होता।विकास के मुद्दे पर ठाणे महानगर
पालिका प्रशासन चुप है।और आजी माजी लोकप्रतिनिधि भी चुप क्यों है। कोई सुविधा तो ठीक से मिलती नहीं कम से कम आखरी वक्त जलाने के लिए तो लगने वाली सामग्री मुफ्त में देने की मांग धड़ाकेबाज युवा प्रतिष्ठान की सचिव सौ अश्विनी अमोल केन्द्रे ने ठाणे महानगर पालिका प्रशासन से की है।उनका कहना है यह उपमुख्य मंत्री के बेटे का लोकसभा क्षेत्र होने के बाद भी दिवा वासी के साथ ऐसा किया जा रहा है । जब तक एल पी जी शव दाहिनी शुरू नहीं होती कम से कम तब तक तो अंतिम संस्कार में लगने वाली सामग्री मुफ्त में दी जाए।

