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"कीचड़ सने पांव '' प्रसिद्ध समकालीन वरिष्ठ कृतिकार राजेंद्र सिंह जी रचयिता हैं

जमानियां आज दिनांक 20/03/2024 दिन बुधवार को स्थानीय स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में हिंदी विभाग और सौरभ साहित्य परिषद की ओर से बुधवार को ‘कीचड़ सने पांव’ का लोकार्पण और परिचर्चा आयोजित हुई।

यह काव्य संग्रह प्रसिद्ध समकालीन वरिष्ठ कृतिकार राजेंद्र सिंह जी का है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष हीरालाल उपाध्याय रहे वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में जमानियां विधानसभा क्षेत्र के विधायक माननीय ओमप्रकाश सिंह के प्रतिनिधि मन्नू सिंह रहे।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए उपस्थित विद्वत समाज के लोगों को सौरभ साहित्य परिषद द्वारा पुष्प गुच्छ और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में हिंदी विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रोफेसर अखिलेश कुमार शर्मा शास्त्री ने काव्य संग्रह पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य एक सांस्कृतिक उत्पाद है। समाज को रचनाकार के प्रति ऋणी का भाव होना चाहिए।

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यह काव्य संग्रह स्वातंत्र्योत्तर भारत के राजनीतिक ढांचे एवं भारतीय समाज के बड़े मुद्दों से सीधे टकराता है। बड़ा रचनाकार दो समयांतराल के बीच एवं दो महापुरुषों के बीच किस तरह एक संवाद स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी पढ़ाई कविता के प्रसंग में उन्होंने पर्यावरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ मानवीय मूल्य और नैतिकता की पढ़ाई भी जरूरी है जो हमारे संस्कारों से परिष्कृत होती है।

वहीं डॉ मदन गोपाल ने कहा कि कवि के लिए सारा संसार युद्ध भूमि की तरह होता है। वरिष्ठ आलोचक कवि रविनंदन सिंह ने कहा कि कविता निज से परा की तरफ का सफऱ तय करती है। अस्तित्ववादी कविता में कम्पन की कमी रह जाती है। जो कविता युद्ध नहीं छेड़ती, वह भांजवादी कही जाएगी।

प्राचार्य श्री निवास सिंह ने कहा कि कविता सारे दायरों से पार जाने की विधा है। अनुवाद भाषा के सीमित दायरों को तोड़ता है। नवगीत कार डॉ शैलेन्द्र ने कहा कि भाषा के चक्करों में फंसकर ज्ञान के दरवाज़े, खिड़कियों के रोशनदान बंद नहीं करने चाहिए।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित मन्नू सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि कविता जीवन की गाथा होती है इस बदलते दौर में हम सबकी जिम्मेदारी है कि कविता बची रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन मिथिलेश गहमरी और आभार वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र सिंह ने किया।

इस अवसर पर प्रयागराज से पधारे सरस्वती पत्रिका के संपादक रविनंदन सिंह , जमानियां विधायक ओम प्रकाश सिंह के प्रतिनिधि मन्नू सिंह, राजकिशोर सिंह पी जी कॉलेज बरुइन के प्रबंधक उपेंद्र सिंह उर्फ (शिवजी), शिक्षक उमाशंकर सिंह , मिथिलेश कुमार सिंह , डॉ सुरेश राय , डॉ विजय श्याम पांडेय , जितेंद्र सिंह , बच्चन उपाध्याय , प्रो अरुण कुमार , डॉ संजय कुमार सिंह, डॉ राकेश कुमार सिंह , डॉ ओमप्रकाश लाल श्रीवास्तव , संसार सिंह , मनोज कुमार पांडेय सहित तमाम गणमान्यजन एवं छात्र छात्राएं मौजूद रहे। इस आशय की जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी अभिषेक तिवारी ने विज्ञप्ति जारी कर दी।

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