अखंड भारत न्यूज़ की स्पेशल रिपोर्ट
राम प्रकाश द्विवेदी जिला रिपोर्टर देवरिया
प्रकृति कर्म और भाई बहन के प्रेम का महापर्व है करमा धरमा।
भारतवर्ष एक कृषि प्रधान देश है यहां के पर्व सीधे प्रकृति से जुड़े होते हैं ऐसे ही पर्व में एक पर्व है करमा धरमा कर्म पूजा की पर उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र बिहार झारखंड उड़ीसा पश्चिम बंगाल में बड़ा ही धूमधाम से मनाया जाता है इसी दिन भाद्र मास शुक्ल पक्ष को एकादशी तिथि को यहां पर मनाया जाता है इस एकादशी को कर्म एकादशी भी कहा जाता है। करमा का अर्थ है धरमा का अर्थ है कर्म और भाग्य परिश्रम और उसका भाग्यफल इसका तात्पर्य है कि मनुष्य को हमेशा अच्छे कर्म करना चाहिए जिससे करम देवता खुश होकर सुख समृद्धि यौवन शक्ति और प्राकृतिक समृद्धि का विकास करें।
कर्म और धर्म दो भाई और उसकी एक बहन एक गांव में रहते थे एक दिन उसे गांव में हमला हुआ जिसमें दोनों भाई मिलकर अपनी बहन को बचा लिए वह वहां हमेशा कर्म देवता की पूजा करते थे उसने कर्म के पौधे से भाइयों के सुख समृद्धि धन संपदा के मांग की और वह धनी हो गए इस प्रकार भाई और बहन का अटूट प्रेम का यह त्यौहार है बहाने भाई के लिए कर्म देवता की पूजा कर सुख समृद्धि मांगते हैं रात को नृत्य दान करते हुए ढोल मंजीरा बजाते हुए सुबह को सूर्योदय से पहले कर्म देवता को विसर्जित कर दिया जाता है।
