गणेश पाण्डे डिंडोरी
डिंडोरी मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को मेकलसुता कॉलेज सभागृह, डिंडोरी में “नर्मदा संवाद—जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य नर्मदा नदी एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण, नर्मदा जलग्रहण क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक कृषि को बढ़ावा देने तथा नर्मदा पथ एवं नर्मदा परिक्रमावासियों से जुड़े विषयों पर कार्यकर्ताओं को उन्मुख करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजन के साथ किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, स्वामी प्राण चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज, स्वामी अखंड महाराज, संभाग समन्वयक मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जबलपुर रवि बर्मन, जिला समन्वयक धर्मेंद्र चौहान एवं नर्मदा समग्र के सह संभाग समन्वयक दिनेश साहू सहित जिला एवं विकासखंड स्तरीय समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने नर्मदा जल को निर्मल एवं अविरल बनाए रखने के लिए जनभागीदारी से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने नर्मदा तटों पर स्वच्छता श्रमदान, “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण, छोटी जल संरचनाओं के पुनर्जीवन, बोरी बंधान एवं सोक पिट निर्माण तथा कुआं, तालाब एवं नदी की स्वच्छता के लिए कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संत, समाज, स्वैच्छिक संगठन, नर्मदा समग्र एवं जन अभियान परिषद मिलकर जनसहयोग और स्वैच्छिकता के आधार पर कार्य करेंगे तो रेवा सेवा समागम के उद्देश्यों को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सकेगा। कार्यशाला में नर्मदा समग्र के दिनेश साहू ने घाट संस्कृति एवं घाट संरक्षण, रवि बर्मन ने नर्मदा एवं सहायक नदियों के संरक्षण, धर्मेंद्र चौहान ने प्राकृतिक एवं जैविक कृषि तथा दीपांशु दुबे ने नर्मदा पथ एवं नर्मदा परिक्रमा विषय पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को समूहों में विभाजित कर नर्मदा संरक्षण, जल एवं पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक एवं जैविक कृषि तथा जिले में आगामी गतिविधियों को लेकर “कब, कैसे, कहाँ और कौन” के आधार पर कार्ययोजना तैयार की गई। समूहों द्वारा अपने सुझाव एवं कार्ययोजनाएं प्रस्तुत की गईं। कार्यशाला में जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक, नर्मदा तटवर्ती ग्रामों से जुड़े कार्यकर्ता तथा नर्मदा समग्र के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यशाला का संचालन डॉ. नीलेश्वरी वैश्य, विकासखंड समन्वयक द्वारा किया गया। अंत में जिला समन्वयक धर्मेंद्र चौहान ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में नर्मदा संरक्षण को अभियान से आगे बढ़ाकर जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक जीवन पद्धति से जुड़े सामूहिक दायित्व के रूप में अपनाने का संकल्प लिया गया।
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