

दीपक शर्मा की रिपोर्ट
आलीराजपुर जिले में मुख्यमंत्री यादव के जन विश्वास अभियान चल रहा है, जिसमें लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं परंतु स्कूल, आंगनवाड़ी, छात्रावास के भवन जर्जर हो रहे हैं जिन्हें प्रशासन ने अनदेखा किया हुआ है । कुछ भवन तो नेशनल हाइवे 56 पर बने है जहां प्रशासन का आए दिन आना जाना होता हैं परंतु प्रशासन के अधिकारियों को कुछ दिखाई नहीं देता है जब कोई घटना घट जाती है तब छोटे कर्मचारियों पर कार्यवाही करते हैं फिर उन्हें भी बहल कर दिया जाता है प्रशासन की इस रवैए के कारण ही आलीराजपुर जिला पिछड़ापन में जीने को मजबूर है। बड़ी गांव जो कि अलीराजपुर के बहुत करीब है वहां के छात्रावास की बाउंड्रीवाल टूट चुकी हैं प्रशासन किसी बच्चे के साथ बड़ी घटना के इंतजार में है समस्या जनता उत्पन्न नहीं करती प्रशासन में बैठे पढ़े लिखे लोग बढ़ा रहे हैं कहने को पढ़े लिखे हैं परंतु उनके काम करने के तरीके अनपढ़ों से गए बीते है ये व्यवस्था कब सुधरेगी । क्या जन विश्वास अभियान से जनता का विश्वास पा लेगी मोहन यादव सरकार ? प्रशासन में बैठे अधिकारी बाहर से आए हुए हैं परंतु सरपंच , जनपद सदस्य, अध्यक्ष सब ही आंखों पर पट्टी बांधे बैठे नजर आते हैं। यही हाल तहसीलों का भी है सामुदायिक स्वस्थ केंद्र चंद्रशेखर आजाद नगर के सामने बड़ा गड्ढा हो चुका है जिस पर सारे वाहन चलते हैं क्योंकि नैशनल हाईवे 56 है ।उसी सड़क से एंबुलेंस भी गुजरती है जो गर्भवती महिलाओं को भी लेकर आती हैं परंतु प्रशासन को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता हैं केवल नौकरी बजाना है और वेतन समय पर पाना ही उद्देश्य है।

