रेवारी

कोसली गांव व क्षेत्रवासियों ने माननीय एसडीएम साहब/मठ प्रशासक की एकतरफा कार्यप्रणाली पर फिर उठाए गंभीर सवाल

 

कोसली, रेवाड़ी | अखंड भारत न्यूज़ — होशियार

कोसली गांव व क्षेत्रवासियों ने माननीय एसडीएम साहब/मठ प्रशासक श्री विजय सिंह यादव की एकतरफा कार्यप्रणाली पर फिर गंभीर सवाल उठाए हैं।

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वर्तमान में कोसली मठ व देवी माता मंदिर की चल-अचल संपत्ति की देखरेख व निगरानी के लिए माननीय डीसी महोदय रेवाड़ी के आदेश दिनांक 09-01-2026 द्वारा माननीय एसडीएम साहब कोसली को बतौर प्रशासक नियुक्त किया हुआ है। वहीं, माननीय मंडल आयुक्त गुरुग्राम के आदेश दिनांक 08-04-2026 द्वारा पारित आदेशों को ताक पर रखकर नियमानुसार पालना नहीं करने के आरोप भी ग्रामीणों द्वारा लगाए जा रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि मठ कमेटी/ट्रस्ट के मास्टर माइंड संजय कुमार पुत्र श्री बिजेंद्र सिंह, कोसलीसरपंच श्री रामकिशन जांगड़ा के साथ साजबाज होकर सरपंच के कहने अनुसार केवल पांच व्यक्तियों की निगरानी कमेटी गठित कर दी गई है। जबकि अभी तक ग्राम सभा नहीं बुलाई गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, करीब 5-7 दिन पहले लम्बरदार विजय आजाद सिंह ने लिखित में हमारे सामने माननीय एसडीएम साहब को एक शिकायत दी थी, जिसमें मांग की गई थी कि निगरानी कमेटी को बढ़ाकर कम से कम ग्यारह (11) व्यक्तियों की दोबारा निगरानी कमेटी गठित की जाए।

साथ ही, गांव के गणमान्य व्यक्तियों की एक ग्राम सभा बुलाकर सभी की सलाह के बाद मठ-मंदिर में आगामी निर्माण कार्यों की रूपरेखा तैयार करके निर्माण कार्य शुरू करवाए जाएं। परंतु अभी तक माननीय एसडीएम साहब द्वारा किसी तरह की भी लिखित कार्रवाई नहीं की गई है।

इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि माननीय एसडीएम साहब मठ में चल रहे करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार-घोटाले से लिप्त नजर आ रहे हैं। इसी भ्रष्टाचार के गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए गांव व क्षेत्रवासी माननीय एसडीएम साहब पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगाते हुए अनेकों सवाल उठा रहे हैं।

ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए मठ एवं देवी माता मंदिर की चल-अचल संपत्ति की निगरानी तथा आगामी निर्माण कार्यों को लेकर ग्राम सभा की बैठक बुलाई जाए और ग्रामीणों की सहमति एवं सलाह के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।

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