मुख्य समाचार पर जाएँ
LIVE NEWSROOM
BREAKING
नेशनल लोक अदालत के प्रचार प्रसार वाहन को किया रवाना ,*पंचायत सहायकों का हल्ला बोल: 30 हजार मानदेय और स्थायीकरण की मांग, नहीं मानी तो लखनऊ में महाधरना और काम ठप!*बिहार मुजफ्फरपुर शिवहर सीतामढ़ी बीच के खबरबलराम कृषि महोत्सव में 700 से अधिक किसानों ने लिया भागचंद्रशेखर आजाद नगर:- सरकार से भाषण नहीं कागजात चाहिएसंत रविदास जयंती पर निकली कलश वंदन यात्रा, समरसता का दिया संदेशजनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं — श्रीमती सावित्री ठाकुरभगवान बलराम जयंती पर प्राकृतिक खेती को लेकर कृषक संगोष्ठी आयोजितसंत रविदास जयंती पर मनावर में निकली समरसता कलश यात्रा, पुष्पवर्षा से हुआ स्वागतहमीरपुर :12 सितम्बर को आयोजित होगी आगामी राष्ट्रीय लोक अदालतनेशनल लोक अदालत के प्रचार प्रसार वाहन को किया रवाना ,*पंचायत सहायकों का हल्ला बोल: 30 हजार मानदेय और स्थायीकरण की मांग, नहीं मानी तो लखनऊ में महाधरना और काम ठप!*बिहार मुजफ्फरपुर शिवहर सीतामढ़ी बीच के खबरबलराम कृषि महोत्सव में 700 से अधिक किसानों ने लिया भागचंद्रशेखर आजाद नगर:- सरकार से भाषण नहीं कागजात चाहिएसंत रविदास जयंती पर निकली कलश वंदन यात्रा, समरसता का दिया संदेशजनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं — श्रीमती सावित्री ठाकुरभगवान बलराम जयंती पर प्राकृतिक खेती को लेकर कृषक संगोष्ठी आयोजितसंत रविदास जयंती पर मनावर में निकली समरसता कलश यात्रा, पुष्पवर्षा से हुआ स्वागतहमीरपुर :12 सितम्बर को आयोजित होगी आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत
A2Z सभी खबर सभी जिले की

हमीरपुर :बाल श्रम उन्मूलन अभियान में 4 बच्चे मुक्त, 3 सेवायोजकों को नोटिस

हमीरपुर :बाल श्रम उन्मूलन अभियान में 4 बच्चे मुक्त, 3 सेवायोजकों को नोटिस
WhatsApp Facebook

मौदहा से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट

हमीरपुर। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देशन में जनपद में बाल श्रम उन्मूलन के लिए विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। शुक्रवार को श्रम विभाग की टीम ने छानी बाजार, पैलानी बाजार और मुस्करा ब्लॉक क्षेत्र में सघन निरीक्षण कर चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। साथ ही बाल श्रम कराने के आरोप में तीन सेवायोजकों को नोटिस जारी किए गए।श्रम विभाग ने मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। यह विशेष अभियान शासन के निर्देशानुसार 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत बाल श्रमिकों की पहचान, बचाव और पुनर्वास की कार्रवाई की जा रही है।श्रम प्रवर्तन अधिकारी रामबीर प्रसाद अवस्थी ने बताया कि ढाबों, होटल-रेस्टोरेंट, कार्यशालाओं, शादी घरों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम कराना कानूनन दंडनीय अपराध है। इसके लिए ₹10 हजार से ₹70 हजार तक जुर्माना तथा एक माह से दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।उन्होंने प्रतिष्ठान संचालकों से किसी भी नाबालिग से काम न कराने की अपील की है। साथ ही आमजन से भी बाल श्रम की सूचना संबंधित विभाग को देने का आग्रह किया गया है, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।