कवर्धा/ पंडरिया। वन तस्करी के बढ़ते मामलों के बीच रहमान कापा वन बैरियर के कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। क्षेत्र में लगातार अवैध रूप से सागौन एवं अन्य बहुमूल्य लकड़ी की तस्करी की घटनाएं सामने आने के बावजूद बैरियर से वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी नहीं होने से विभाग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग द्वारा स्थापित बैरियर का उद्देश्य वन संपदा की सुरक्षा और अवैध परिवहन पर रोक लगाना है, लेकिन इसके बावजूद तस्करों के हौसले बुलंद हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर बैरियर पर तैनात कर्मचारियों की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है और अवैध लकड़ी से लदे वाहन बिना कार्रवाई के कैसे निकल जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बैरियर पर वाहनों की नियमित एवं सख्त जांच की जाए तो वन तस्करी पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने बैरियर की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका को लेकर कई तरह की आशंकाएं पैदा कर दी हैं।
क्षेत्रवासियों ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, बैरियर की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

