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हलहारिणी अमावस्या पर “एक पेड़ गौमाता के नाम” अभियान के तहत होगा भव्य वृक्षारोपण

21 त्रिवेणी एवं 43 फलदार पौधों का होगा रोपण, गौसंरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का दिया जाएगा संदेश..

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर, जिला धार। पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा एवं जनजागरण के उद्देश्य से सिंगाजी गौमाता मंदिर, ग्राम वायल में 14 जुलाई 2026 (मंगलवार) को हलहारिणी अमावस्या के पावन अवसर पर “एक पेड़ गौमाता के नाम” अभियान के अंतर्गत भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य पंडित प्रवीण शर्मा (राधे भैया), बड़ा बड़दा के करकमलों से होगा। अभियान के तहत 21 त्रिवेणी पौधों एवं 43 फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य गौमाता के लिए आजीवन छाया की व्यवस्था करना, पक्षियों को प्राकृतिक आवास एवं भोजन उपलब्ध कराना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।

इस अवसर पर आयोजक समिति ने बताया कि “पौधे धरती का श्रृंगार हैं। वृक्षों से वर्षा का संतुलन बना रहता है, प्राणवायु प्राप्त होती है और पर्यावरण सुरक्षित रहता है। यदि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई नहीं रुकी तो ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर समस्याएं और विकराल रूप ले लेंगी। पर्यावरण बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण को अपना नैतिक दायित्व बनाना होगा।”

भारतीय संस्कृति में गौमाता और वृक्ष दोनों पूजनीय हैं। “एक पेड़ गौमाता के नाम” अभियान हमारी सांस्कृतिक परंपरा को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का एक प्रेरणादायी प्रयास है।

सभी नागरिकों से इस पुनीत अभियान में सहभागी बनकर पौधारोपण करने एवं पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

भागीराम भाभर (सरपंच), दिनेश पटेल (उपसरपंच), ग्राम वायल एवं सिंगाजी गौमाता मंदिर गोसेवा समिति ने क्षेत्र के नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अभियान को सफल बनाने की अपील की है।

अभियान के प्रमुख उद्देश्य
गौमाता के लिए आजीवन छाया उपलब्ध कराना।
पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देना।
पक्षियों के लिए प्राकृतिक आवास एवं भोजन की व्यवस्था करना।
ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव को कम करने में जनभागीदारी सुनिश्चित करना।
अधिक से अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध कराकर प्रकृति का संतुलन बनाए रखना।

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