
गणेश पाण्डे डिंडोरी 25 मई 2026
डिंडोरी। मध्यप्रदेश के रीवा जिले में विहाररत पूज्य आर्यिका माताजी एवं संघ के साथ हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना को लेकर सकल जैन समाज डिंडोरी में गहरा शोक, पीड़ा एवं आक्रोश व्याप्त है। घटना के विरोध एवं विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग को लेकर समाजजनों द्वारा महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम जिला प्रशासन डिंडोरी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में समाजजनों ने रीवा घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जाँच कराने, सभी CCTV फुटेज, वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की। साथ ही यदि जाँच में किसी प्रकार की लापरवाही अथवा षड्यंत्र के तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों पर सख्त धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई करने की मांग भी की गई।
समाजजनों ने कहा कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे एवं पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज को शांति, संयम एवं अहिंसा का संदेश देते हैं। वे किसी प्रकार की सुरक्षा अथवा सुविधाओं का उपयोग नहीं करते, इसलिए विहाररत संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाएँ अत्यन्त गंभीर एवं चिंताजनक विषय हैं।ज्ञापन में विहाररत साधु-संतों की सुरक्षा हेतु “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने, विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण, पुलिस समन्वय एवं संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही भारत सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाए जाने की भी मांग उठाई गई।ज्ञापन के दौरान एसडीएम राम बाबू देवांगन ने कहा कि जिले में जब भी किसी साधु-संत का आगमन अथवा विहार प्रस्तावित हो, समाज द्वारा दो दिन पूर्व रूट चार्ट उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रशासन द्वारा आवश्यक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाएँ समय रहते सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने प्रशासन की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन भी दिया।ब्रह्मचारी वैभव भैया (सनी) के नेतृत्व में समाजजनों ने एसडीएम राम बाबू देवांगन को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर अधिवक्ता सम्यक जैन, डॉ. सुनील जैन, संजय जैन, रितेश जैन, सचिन जैन, शरद जैन, सपना जैन, मालिनी जैन, अभ्या जैन, अम्बर जैन, अक्षत जैन, पराग जैन, शारविल जैन, सेजल जैन, पुनीत जैन, सत्येंद्र जैन सहित सकल जैन समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन, गृह मंत्री भारत सरकार, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक डिंडोरी को भी प्रेषित की गई।अंत में समाजजनों ने कहा कि जो स्वयं निहत्थे रहकर मानवता को अहिंसा एवं संयम का मार्ग दिखाते हैं, उनकी सुरक्षा करना शासन और समाज — दोनों का नैतिक दायित्व है।