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कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा बैठक संपन्न,

लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश

    डिंडौरी : 23 फरवरी, 2026

डिंडौरी   ।   कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े प्रकरणों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत  दिव्यांशु चौधरी, अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत  पंकज जैन, एसडीएम बजाग  रामबाबू देवांगन, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर  वैधनाथ वासनिक, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, डिप्टी कलेक्टर  अक्षय डिगरसे, लीड बैंक प्रबंधक  रविशंकर, आयुष अधिकारी डॉ. संतोष परस्ते, पीआईयू  पारस सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी मनोज पांडे, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती सुमन परस्ते सहित अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।बैठक के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की गहन समीक्षा करते हुए 50 से 100 दिवस से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का निराकरण दो दिवस के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग समय-सीमा का कड़ाई से पालन करें।

जल जीवन मिशन एवं नल-जल योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो, ताकि आमजन को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। जिन ग्राम पंचायतों में योजना हस्तांतरित होने के बाद भी जल प्रदाय नहीं हो रहा है, वहां संबंधित सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध एसडीएम एवं सीईओ जनपद द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।

जबलपुर से अमरकंटक मार्ग के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को ग्राम पंचायत गाड़ासरई में सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण करने तथा ग्राम शक्का में पेयजल पाइपलाइन से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों के कारण आमजन को हो रही असुविधा पर गंभीरता बरतते हुए उन्होंने कहा कि समय पर कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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धन-धान्य योजना अंतर्गत कृषि, महिला एवं बाल विकास, मत्स्य, सहकारिता, एनआरएलएम एवं पशुपालन विभागों को कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने शुक्रवार तक सभी हितग्राही मूलक योजनाओं की सूची तैयार कर कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा, ताकि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा सके।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला अधिकारी एवं कर्मचारियों को सम्मानित किए जाने के लिए सभी विभागों से नामों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। शासन के निर्देशानुसार प्रारंभ होने वाली जनगणना की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने 26 एवं 27 फरवरी को आयोजित प्रशिक्षण में सभी संबंधित अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।

खाद्य विभाग को ग्रामीण अंचलों में निवासरत पात्र हितग्राहियों के उज्ज्वला गैस कनेक्शन एवं ई-केवाईसी पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिला चिकित्सालय को एएनसी पंजीयन, सिकल सेल जांच, समर्पण सेवा अभियान, यूडीआईडी, मेडिकल प्रमाण पत्र, उपकरण चिन्हांकन एवं वितरण तथा पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई भी दिव्यांगजन शासन की योजनाओं से वंचित न रहे।

पीएम किसान कुसुम सौर ऊर्जा योजना के अंतर्गत जनपद स्तर पर क्लस्टर बनाकर नदी किनारे खेती करने वाले किसानों की सूची तैयार करने तथा 3, 5 एवं 7 एचपी के सौर ऊर्जा पंप उपलब्ध कराने की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश विद्युत विभाग को दिए गए। इसके अतिरिक्त न्यायालयीन प्रकरण, समग्र आईडी, ई-केवाईसी, सीपी ग्राम, पीएम जनमन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, स्कूलों में शौचालयों की साफ-सफाई, नगरीय निर्माण कार्यों की प्रगति तथा राजस्व प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बंटवारा, सीमांकन, नामांतरण, फौतीनामा एवं राजस्व वसूली के मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।

नीति आयोग के निर्देशानुसार जिले के तीन विकासखंडों में 28 जनवरी 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक संचालित ‘सम्पूर्णता अभियान’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा पशुपालन विभाग को अभियान को परिणामोन्मुखी ढंग से संचालित कर अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि वे किसी अन्य कार्यक्रम में व्यस्त हों तो अपने स्थान पर अधिकृत अधिकारी को भेजें तथा अनुपस्थिति की सूचना पूर्व में अनिवार्य रूप से दें। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए भूमिपूजन के निर्माण कार्यों को बरसात से पूर्व पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए।

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