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पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में देर रात्रि तक चला कवि सम्मेलन*

*खुला आसमां ही छत उनकी, धरती मां है सिंहासन*
*पंचकल्याणक में देर रात्रि तक चला कवि सम्मेलन*

संवाददाता मनमोहन गुप्ता कामां डीग 9783029649

कामां –  श्री वर्धमान पंच बालयति तीर्थ क्षेत्र बोलखेड़ा में अर्हम योग प्रणेता मुनि प्रणम्य सागर महाराज के सानिध्य में आयोजित हो रहे पंचकल्याणक महोत्सव में भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। देर रात्रि तक चले कवि सम्मेलन में जमकर लगाए ठहाके तो आचार्यो का किया गुणगान।
आयोजन समिति के सचिव वेद प्रकाश जैन के अनुसार कवि सम्मेलन का शुभारंभ कोमल नाजुक द्वारा मां जिनवाणी की वंदना से किया।। तो पुष्पेंद्र जैन सीकरी ने कवियों का आह्वान किया तो क्षेत्र की समिति के अध्यक्ष गोकुल राम जैन,संजय जैन,त्रिलोक जैन,पुष्पेन्द्र सीकरी द्वारा आगन्तुक कवियों का अभिनंदन किया।
देर रात तक चले कवि सम्मेलन को श्रोताओं ने बहुत सराहा और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी देर रात तक श्रोता जमें रहे। कवि सम्मेलन का संचालन डॉ कमलेश जैन बसंत ने करते हुए आचार्य विद्यासागर का गुणगान करते हुए वर्तमान के वर्धमान की संज्ञा प्रदान की। प्रथम कवि के रूप में उमाकांत बिरमुल बोलखेड़ा ने काव्य पाठ करते हुए प्रारम्भ किया तो हास्य कवि डॉक्टर मकरंद कामां ने लोगों को अपनी कविताओं से गुदगुदाया, उनकी कविता राम कहानी को सराहा गया। ओज की कविताओं से मनोज चौहान ने श्रोताओं में जोश भर दिया। कोमल नाजुक ने श्रृंगार रस के रस में श्रोताओं को डुबो दिया। डी के जैन मित्तल ने जैन दर्शन पर आचार्य विद्यासागर महाराज के द्वितीय पुण्य दिवस पर गुरु के चरणों में मुक्तक समर्पित किये। डॉ कमलेश वसंत ने “कम है पर कमजोर नहीं” गीत सुनाकर तालियां बटोरी तो “सम्मेद शिखर को शिमला नैनीताल नही बनने देंगे” गीत से चुनोती दी गयी।अंत में हास्य कवि लटूरी लट्ठ ने वहां उपस्थित श्रोताओं को अपने हास्य छंदों के माध्यम से खूब गुदगुदाया।
कवि सम्मेलन की अध्यक्षता रमेश चंद्र गर्ग ने की। अंत में तीर्थ क्षेत्र कमेटी ने आभार व्यक्त किया।

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